DRDO ने AI-संचालित प्रज्ञा उपग्रह इमेजिंग प्रणाली गृह मंत्रालय को सौंपी
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी रूप से विकसित AI-संचालित उपग्रह इमेजिंग प्रणाली प्रज्ञा को गृह मंत्रालय को सौंप दिया है। DRDO के Centre for Artificial Intelligence and Robotics द्वारा निर्मित यह मंच आतंकवाद-रोधी, सीमा-प्रबंधन और नक्सल-विरोधी अभियानों के लिए वास्तविक-काल भू-स्थानिक खुफ़िया जानकारी देने हेतु बनाया गया है।
DRDO ने भारत की आंतरिक सुरक्षा संरचना को मज़बूत करने के लिए AI-सक्षम उपग्रह इमेजिंग प्रणाली 'प्रज्ञा' गृह मंत्रालय को सौंप दी है। हस्तांतरण की घोषणा 21 अप्रैल 2026 को की गई, जिसमें DRDO अध्यक्ष समीर वी कामत ने औपचारिक रूप से यह प्रणाली केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को सौंपी।
प्रज्ञा का विकास DRDO की बेंगलुरु स्थित प्रयोगशाला Centre for Artificial Intelligence and Robotics (CAIR) ने किया है। यह मंच उच्च-रिज़ॉल्यूशन उपग्रह इमेजरी को मशीन-लर्निंग मॉडलों के साथ जोड़कर परिवर्तनों का स्वतः पता लगाता है, असामान्यताओं को चिह्नित करता है, और ऐसे पैटर्न उजागर करता है जिन्हें मानव विश्लेषक चूक सकते थे या धीमे ही प्रोसेस कर पाते। आउटपुट सुरक्षा एजेंसियों के लिए एकीकृत भू-स्थानिक खुफ़िया डैशबोर्ड में जाता है।
गृह मंत्रालय ने प्रज्ञा को कई परिचालन-क्षेत्रों के लिए बल-गुणक के रूप में रखा है: पश्चिमी सीमा पर आतंकवाद-रोधी कार्य, Line of Actual Control पर घुसपैठ की निगरानी, मध्य भारत के वन क्षेत्रों में नक्सल-विरोधी अभियान, और आपदा-प्रतिक्रिया सर्वेक्षण। अधिकारियों के अनुसार प्रज्ञा उच्च-ऊँचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों और घने वन-आवरण दोनों की इमेजरी के साथ अनुकूल हो सकती है।
महत्त्वपूर्ण रूप से, प्रज्ञा उन हिस्सों की जगह लेती है जो पहले विदेशी वाणिज्यिक उपग्रह इमेजरी और विश्लेषण सेवाओं पर निर्भर थे। भारतीय उपग्रहों की इमेजरी को स्वदेशी AI मॉडलों के साथ जोड़कर यह प्रणाली भू-स्थानिक खुफ़िया क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाती है और विदेशी विक्रेताओं पर सामरिक निर्भरता घटाती है।
परीक्षा दृष्टिकोण: UPSC GS-III (आंतरिक सुरक्षा, विज्ञान-तकनीक), रक्षा-सेवा परीक्षाओं (CDS, AFCAT, CAPF) और SSC सामान्य जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण। CAIR बेंगलुरु को विकासकर्ता, आत्मनिर्भर भारत से जुड़ाव, और चार परिचालन उपयोग — आतंकवाद-रोधी, सीमा, नक्सल-विरोधी और आपदा-प्रतिक्रिया — याद रखें।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- DRDO ने 21 अप्रैल 2026 को प्रज्ञा गृह मंत्रालय को सौंपी
- विकासकर्ता: Centre for Artificial Intelligence and Robotics (CAIR), बेंगलुरु
- उपग्रह इमेजरी का AI-संचालित विश्लेषण, वास्तविक-काल असामान्यता पहचान
- उपयोग: आतंकवाद-रोधी, सीमा-प्रबंधन, नक्सल-विरोधी, आपदा-प्रतिक्रिया
- विदेशी वाणिज्यिक उपग्रह विश्लेषण पर निर्भरता घटती है
- भू-स्थानिक खुफ़िया में आत्मनिर्भर भारत को बल
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC GS-III आंतरिक सुरक्षा, रक्षा-सेवा परीक्षाओं और SSC सामान्य जागरूकता में बार-बार पूछा जाता है। अन्य DRDO प्रयोगशालाओं (DRDL, ADE, ADRDE) के साथ जोड़कर पढ़ें।
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