डीएसटी टास्क फ़ोर्स की रिपोर्ट: भारत के डिजिटल तंत्र को क्वांटम-सुरक्षित बनाने का रोडमैप
डीएसटी टास्क फ़ोर्स की नई रिपोर्ट भारत को 2024 में अमेरिकी एनआईएसटी द्वारा अंतिम रूप दिए गए तीन पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफ़ी मानकों पर चरणबद्ध रूप से स्थानांतरित होने की सिफ़ारिश करती है, जिसमें महत्वपूर्ण अवसंरचना, वित्तीय सेवाएँ, बिजली ग्रिड एवं रक्षा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक टास्क फ़ोर्स की नई रिपोर्ट भारत के डिजिटल तंत्र को क्वांटम-सुरक्षित बनाने का रोडमैप प्रस्तुत करती है। रिपोर्ट दो प्रकार के ख़तरों — दीर्घकालिक एवं तात्कालिक — को संबोधित करती है। आज पहचान-संरक्षण एवं सुरक्षित संचार का आधार सार्वजनिक-कुंजी क्रिप्टोग्राफ़ी है, जो ऐसी गणितीय समस्याओं पर टिकी है, जिन्हें पारंपरिक कंप्यूटर कुशलता से हल नहीं कर सकते। पर्याप्त शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटर शोर के एल्गोरिथ्म जैसी पद्धति से मिनटों या घंटों में इस क्रिप्टोग्राफ़ी को तोड़ सकता है।
सममित क्रिप्टोग्राफ़ी, जैसे एडवांस्ड एन्क्रिप्शन स्टैंडर्ड (एईएस), क्वांटम हमलों से अपेक्षाकृत सुरक्षित है। सबसे बड़ा ख़तरा सार्वजनिक-कुंजी अवसंरचना पर है, जो एचटीटीपीएस वेब-ट्रैफ़िक से लेकर दूरसंचार नेटवर्क एवं डिजिटल हस्ताक्षरों तक को सुरक्षित करती है। पूर्ण व्यावहारिक क्वांटम कंप्यूटर के आगमन से पहले भी कोई दुरुपयोगकर्ता आज एन्क्रिप्टेड डेटा एकत्र कर बाद में डिक्रिप्ट कर सकता है — इसे “हार्वेस्ट नाउ, डिक्रिप्ट लेटर” हमला कहा जाता है।
पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफ़ी (पीक्यूसी) उन एल्गोरिथ्म को कहते हैं, जो पारंपरिक कंप्यूटरों पर चलते हैं किन्तु क्वांटम हमलों का प्रतिरोध करते हैं। डीएसटी रिपोर्ट 2024 में अमेरिकी राष्ट्रीय मानक एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएसटी) द्वारा अंतिम रूप दिए गए तीन पीक्यूसी मानकों को अपनाने तथा चरणबद्ध रूप से इस वास्तुकला की ओर पलायन करने की सिफ़ारिश करती है। प्राथमिकता महत्वपूर्ण अवसंरचना, वित्तीय सेवाओं, बिजली ग्रिडों एवं रक्षा प्रणालियों को दी गई है।
अभ्यर्थियों के लिए यह रिपोर्ट राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, साइबर-सुरक्षा वास्तुकला (सर्ट-इन, आईटी अधिनियम 2000), डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम 2023 तथा क्रिप्टोग्राफ़ी के वैश्विक मानकीकरण से जुड़ती है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- संस्था: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) टास्क फ़ोर्स
- फ़ोकस: भारत के डिजिटल तंत्र को क्वांटम-सुरक्षित बनाना
- मुख्य ख़तरा: सार्वजनिक-कुंजी क्रिप्टोग्राफ़ी (शोर एल्गोरिथ्म)
- सममित (एईएस) कम जोखिम; सार्वजनिक-कुंजी अवसंरचना सर्वाधिक संवेदनशील
- “हार्वेस्ट नाउ, डिक्रिप्ट लेटर” हमले की चेतावनी
- सिफ़ारिश: एनआईएसटी (2024) के तीन पीक्यूसी मानकों को अपनाना
- प्राथमिकता क्षेत्र: महत्वपूर्ण अवसंरचना, वित्तीय सेवाएँ, बिजली ग्रिड, रक्षा
- संबंधित: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, सर्ट-इन, आईटी अधिनियम 2000, डीपीडीपी अधिनियम 2023
परीक्षा प्रासंगिकता
यूपीएससी (विज्ञान-तकनीकी — क्वांटम कंप्यूटिंग, क्रिप्टोग्राफ़ी, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन; आंतरिक सुरक्षा — साइबर-सुरक्षा), एसएससी, बैंकिंग एवं रक्षा परीक्षाओं के लिए उपयोगी।
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