भारत ने आर्थिक आँकड़ों में बड़ा बदलाव किया: नया WPI, Producer Price Index और संशोधित GDP श्रृंखला
भारत ने अपने आर्थिक आँकड़ों में बड़ा बदलाव किया है — एक संशोधित GDP श्रृंखला (आधार 2023-24), नया CPI और IIP, एक अद्यतन WPI और output, input व सेवाओं को कवर करने वाला एक नया Producer Price Index (PPI) — ताकि IMF की सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप हुआ जा सके और 'double deflation' की समस्या ठीक की जा सके।
भारत ने अपने वृहद-आर्थिक (macroeconomic) सांख्यिकीय ढाँचे में एक बड़ा उन्नयन किया है। 2023-24 को आधार वर्ष मानते हुए एक नई Gross Domestic Product (GDP) श्रृंखला, 2024 को आधार मानते हुए एक नया Consumer Price Index (CPI), और 2022-23 आधार वाले एक नए Index of Industrial Production (IIP) की शुरुआत के बाद, सरकार ने अब एक अद्यतन Wholesale Price Index (WPI) और एक नया Producer Price Index (PPI) पेश किया है।
नए सिरे से तैयार WPI में एक विस्तारित वस्तु-समूह (commodity basket) तथा अद्यतन भार (weights) और गणना सूत्र है। समय के साथ, WPI को PPI से बदलने की उम्मीद है, जो भारत को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और International Monetary Fund (IMF) की सिफ़ारिशों के अनुरूप ले आएगा। PPI उत्पादन (output), लागत (input) और सेवा कीमतों को कवर करेगा, जिससे अर्थव्यवस्था में महंगाई की अधिक यथार्थपूर्ण तस्वीर मिलेगी।
Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) ने एक output producer price index (OPPI), एक प्रायोगिक input producer price index (IPPI) और सात सेवाओं को कवर करने वाला एक service PPI जारी किया है — banking, securities लेन-देन, बीमा, pension fund प्रबंधन, रेलवे, हवाई यात्री परिवहन और telecom। Service PPI तिमाही आधार पर जारी किए जाएँगे। महत्वपूर्ण रूप से, output और input दोनों कीमत सूचकांकों का होना real GDP के अनुमान में लंबे समय से चली आ रही 'double deflation' समस्या को हल करने में मदद करता है।
अभ्यर्थियों के लिए, यह एक अहम economy विषय है। याद रखें — नए आधार वर्ष (GDP 2023-24, CPI 2024, IIP 2022-23), WPI से PPI की ओर बदलाव, DPIIT की भूमिका, और 'double deflation' की अवधारणा — ये सभी भारत के राष्ट्रीय लेखों की सटीकता में सुधार करते हैं।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- नई GDP श्रृंखला 2023-24 को आधार वर्ष मानती है; नया CPI आधार 2024 है; नया IIP आधार 2022-23 है
- अद्यतन WPI में एक विस्तारित basket और संशोधित भार व सूत्र हैं
- एक नया Producer Price Index (PPI) अंततः WPI की जगह लेगा, IMF की सर्वोत्तम प्रथा के अनुसार
- DPIIT ने output (OPPI), प्रायोगिक input (IPPI) और सात सेवाओं के लिए service PPI जारी किए
- Service PPI तिमाही आधार पर जारी किए जाएँगे
- output और input दोनों कीमत सूचकांक real GDP अनुमान में 'double deflation' समस्या हल करने में मदद करते हैं
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC (Economy — राष्ट्रीय आय लेखांकन, महंगाई सूचकांक) और Banking/SSC General Awareness (WPI, CPI, PPI, आधार वर्ष) के लिए प्रासंगिक।
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