नए CDS जनरल राजा सुब्रमणि ने कार्यभार संभाला, थिएटर कमांड पर बहस जारी
जनरल राजा सुब्रमणि ने भारत के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का कार्यभार संभाला है। विश्लेषकों का कहना है कि थिएटराइजेशन और जॉइंटनेस जैसे सैन्य सुधार किसी एक नियुक्ति पर निर्भर नहीं हो सकते और इनके लिए मजबूत राजनीतिक स्वामित्व जरूरी है, जैसा अमेरिका ने Goldwater-Nichols Act से दिखाया।
जनरल राजा सुब्रमणि की भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप में नियुक्ति ने सैन्य सुधार, विशेष रूप से थिएटराइजेशन, तीनों सेनाओं के बीच तालमेल (जॉइंटनेस), क्षमता विकास और रक्षा में आत्मनिर्भरता पर फिर से ध्यान केंद्रित किया है।
CDS का पद 2019 में एकीकृत सैन्य सलाह देने और जॉइंटनेस को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था। हालाँकि, CDS तीनों सेनाओं की कमान नहीं संभालते, और न ही वे वित्त, खरीद (अधिग्रहण), रक्षा उद्योग या अनुसंधान एवं विकास को नियंत्रित करते हैं। इसलिए सैन्य सुधार राजनीतिक दिशा, वित्तीय प्रतिबद्धता, पेशेवर सैन्य सलाह और रणनीतिक महत्वाकांक्षा के चौराहे पर खड़ा है — यानी कोई एक नियुक्ति अकेले इसे पूरा नहीं कर सकती।
मुख्य तर्क यह है कि व्यापक सुधार के लिए मजबूत राजनीतिक स्वामित्व (पॉलिटिकल ओनरशिप) की आवश्यकता है। लेख संयुक्त राज्य अमेरिका का उदाहरण देता है, जहाँ 1986 के Goldwater-Nichols Act ने संस्थागत विरोध के बावजूद कानून के जरिए जॉइंटनेस को आगे बढ़ाया। भारत में, एकीकृत थिएटर कमांड का खाका 2019 से तैयार किया जा रहा है, लेकिन प्रमुख निर्णय — जैसे थिएटर कमांडरों को कितनी स्वायत्तता दी जाए और वायु शक्ति का आवंटन कैसे हो — केवल राजनीतिक नेतृत्व ही ले सकता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए यह एक महत्वपूर्ण रक्षा और सुरक्षा विषय है। याद रखने योग्य मुख्य शब्द हैं — CDS, थिएटर/एकीकृत कमांड, जॉइंटनेस, सैन्य मामलों का विभाग (Department of Military Affairs) और रक्षा में आत्मनिर्भरता, साथ ही अमेरिका के Goldwater-Nichols सुधारों से तुलना।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- जनरल राजा सुब्रमणि भारत के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) हैं
- CDS का पद 2019 में जॉइंटनेस और एकीकृत सैन्य सलाह को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था
- CDS सलाह देते हैं, लेकिन तीनों सेनाओं की कमान या खरीद/वित्त को नियंत्रित नहीं करते
- थिएटराइजेशन (एकीकृत थिएटर कमांड) का खाका 2019 से तैयार हो रहा है
- व्यापक सुधार के लिए केवल सैन्य प्रयास नहीं, बल्कि राजनीतिक स्वामित्व जरूरी है
- अमेरिका के 1986 के Goldwater-Nichols Act से तुलना की गई है
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC (सुरक्षा — रक्षा सुधार, थिएटर कमांड, नागरिक-सैन्य संबंध) और Defence परीक्षाओं (CDS, जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता) के लिए प्रासंगिक।
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