नई दिल्ली ने भारत के पहले अंतर्राष्ट्रीय नेत्र विज्ञान अनुसंधान सम्मेलन AIOS-AFOU 2026 की मेज़बानी की
भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय नेत्र विज्ञान अनुसंधान सम्मेलन, AIOS-AFOU 2026, 9 और 10 मई 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित हुआ। इसका आयोजन सेना अस्पताल (अनुसंधान एवं रेफरल) और अखिल भारतीय नेत्र विज्ञान सोसायटी ने संयुक्त रूप से किया।
भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय नेत्र विज्ञान अनुसंधान सम्मेलन, AIOS-AFOU 2026, 9 और 10 मई 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित किया गया। नेत्र विज्ञान (ऑप्थैल्मोलॉजी) चिकित्सा की वह शाखा है जो आँखों और उनकी बीमारियों से संबंधित है। इस सम्मेलन का आयोजन सेना अस्पताल (अनुसंधान एवं रेफरल) के नेत्र विज्ञान विभाग और अखिल भारतीय नेत्र विज्ञान सोसायटी (AIOS) ने संयुक्त रूप से किया।
इस आयोजन में नेत्र देखभाल के नए विकासों पर ध्यान केंद्रित किया गया और नागरिक तथा सैन्य चिकित्सा संस्थानों के बीच घनिष्ठ सहयोग को प्रोत्साहित किया गया। एक प्रमुख विषय आँखों की बीमारियों की पहचान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग था, साथ ही आधुनिक नेत्र उपचार में नवीनतम शोध भी शामिल था।
एम्स नई दिल्ली, पीजीआई चंडीगढ़ और एलवी प्रसाद नेत्र संस्थान जैसे भारत के शीर्ष संस्थानों के प्रमुख नेत्र चिकित्सक और शोधकर्ता, तथा प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ इसमें शामिल हुए। उनकी भागीदारी ने इस सम्मेलन को देश और विदेश में ज्ञान साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच बना दिया।
अपनी तरह का भारत का पहला सम्मेलन होने के कारण यह आयोजन चिकित्सा अनुसंधान में एक कदम आगे है और वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग में भारतीय संस्थानों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। परीक्षार्थियों के लिए यह विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं से जुड़े एक राष्ट्रीय 'पहले' का उपयोगी उदाहरण है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- AIOS-AFOU 2026 भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय नेत्र विज्ञान अनुसंधान सम्मेलन था
- 9 और 10 मई 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित
- सेना अस्पताल (अनुसंधान एवं रेफरल) और अखिल भारतीय नेत्र विज्ञान सोसायटी (AIOS) द्वारा संयुक्त आयोजन
- नेत्र विज्ञान चिकित्सा की वह शाखा है जो आँखों से संबंधित है
- मुख्य विषय: एआई आधारित नेत्र रोग पहचान और आधुनिक नेत्र अनुसंधान
- एम्स नई दिल्ली, पीजीआई चंडीगढ़ और एलवी प्रसाद नेत्र संस्थान के विशेषज्ञ शामिल हुए
परीक्षा प्रासंगिकता
यूपीएससी प्रीलिम्स (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी), एसएससी एवं रेलवे परीक्षाओं (सामान्य ज्ञान — राष्ट्रीय 'पहले' और घटनाएँ) के लिए उपयोगी।
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