NHAI ने IIT से राष्ट्रीय राजमार्गों पर बड़े पुलों के डिज़ाइन की स्वतंत्र जाँच करने को कहा
NHAI ने 30 जून 2026 को घोषणा की कि लगभग 12 IIT राष्ट्रीय राजमार्गों पर बड़े पुलों के डिज़ाइन की स्वतंत्र जाँच करेंगे। यह समीक्षा संरचनात्मक, भू-तकनीकी और हाइड्रॉलिक अध्ययनों को कवर करती है और EPC, HAM व BOT परियोजनाओं पर लागू होती है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सभी नई परियोजनाओं में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बनने वाले बड़े पुलों के डिज़ाइन की समीक्षा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) को शामिल करने का निर्णय लिया है। इस पहल की घोषणा मंगलवार, 30 जून 2026 को की गई।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बड़े पुल, जिन्हें 100 वर्ष या उससे अधिक की सेवा-अवधि के लिए डिज़ाइन किया जाता है, निर्माण शुरू होने से पहले एक कठोर और स्वतंत्र तकनीकी समीक्षा से गुज़रें। IIT-Delhi, IIT-Bombay, IIT-Roorkee और IIT-Kharagpur सहित लगभग 12 IIT ने इस कार्य में NHAI के साथ काम करने की इच्छा जताई है।
प्रस्तावित ढाँचे के तहत, सूचीबद्ध संस्थान काम शुरू होने से पहले संरचनात्मक डिज़ाइन गणनाओं, इंजीनियरिंग ड्रॉइंग, निर्माण विधियों, भू-तकनीकी (geotechnical) जाँचों और हाइड्रॉलिक अध्ययनों की जाँच करेंगे। यह ढाँचा अलग-अलग मॉडलों के तहत बनने वाली परियोजनाओं पर समान रूप से लागू होगा, जिनमें Engineering, Procurement and Construction (EPC), Hybrid Annuity Model (HAM) और Build-Operate-Transfer (BOT) शामिल हैं, जिससे एक सुसंगत गुणवत्ता-आश्वासन प्रणाली बनेगी।
यह कदम केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के उस निर्देश के बाद उठाया गया है, जिसमें राज्य लोक निर्माण विभागों सहित सभी सड़क-स्वामी एजेंसियों से Indian Bridge Management System (IBMS) के तहत 30 सितंबर तक पुलों की एक देशव्यापी डिजिटल सूची पूरी करने को कहा गया था। मिलकर, इन कदमों का उद्देश्य भारत के सड़क बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा और टिकाऊपन को मज़बूत करना है।
अभ्यर्थियों के लिए यह घटनाक्रम शासन और बुनियादी ढाँचे के विषयों से जुड़ा है। यह दिखाता है कि किस तरह सार्वजनिक एजेंसियाँ जवाबदेही और इंजीनियरिंग मानकों को बेहतर बनाने के लिए प्रमुख तकनीकी संस्थानों के साथ साझेदारी कर रही हैं — संस्थान-निर्माण का एक उदाहरण, जो अक्सर योजनाओं, निकायों और बुनियादी ढाँचे से जुड़े प्रश्नों में आता है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- NHAI राष्ट्रीय राजमार्गों पर बड़े पुलों के डिज़ाइन की IIT से स्वतंत्र जाँच कराएगा
- 30 जून 2026 को घोषित; सभी नई परियोजनाओं पर लागू
- Delhi, Bombay, Roorkee और Kharagpur सहित लगभग 12 IIT शामिल होने को तैयार
- समीक्षा में संरचनात्मक डिज़ाइन, ड्रॉइंग, निर्माण विधियाँ, भू-तकनीकी व हाइड्रॉलिक अध्ययन शामिल
- EPC, HAM और BOT परियोजना मॉडलों पर समान रूप से लागू
- Indian Bridge Management System (IBMS) के तहत देशव्यापी पुल-सूची से जुड़ा
परीक्षा प्रासंगिकता
शासन और बुनियादी ढाँचे पर UPSC, SSC और State PCS करेंट अफेयर्स के लिए प्रासंगिक, जिसमें NHAI, IBMS और EPC, HAM व BOT जैसे राजमार्ग परियोजना मॉडल शामिल हैं।
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