केंद्र ने MGNREGA का नाम बदलकर VB-G RAM-G किया; कर्नाटक ने विरोध जताया और कानूनी चुनौती की योजना बनाई
केंद्र ने MGNREGA का नाम बदलकर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), यानी VB-G RAM-G कर दिया है। कर्नाटक इसे 1 जुलाई से लागू करते हुए भी वित्तपोषण और मजदूरी को लेकर इस बदलाव का विरोध करता है और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की योजना बना रहा है।
केंद्र ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (NREGA/MGNREGA) का नाम बदलकर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) कर दिया है, जिसे संक्षेप में VB-G RAM-G कहा जाता है। MGNREGA भारत का प्रमुख ग्रामीण रोजगार-गारंटी कानून है, जो हर ग्रामीण परिवार को साल में 100 दिन तक का सवेतन शारीरिक कार्य देने का वादा करता है, बशर्ते उस परिवार के वयस्क अकुशल श्रम करने को तैयार हों। कर्नाटक ने इस बदलाव का विरोध किया है, लेकिन कहा है कि वह कानूनी विकल्प तलाशते हुए भी 1 जुलाई से VB-G RAM-G को लागू करेगा।
कर्नाटक के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री ईश्वर खंड्रे ने कहा कि नई योजना राज्य के वित्त पर अधिक बोझ डालती है। उन्होंने बताया कि राज्य ने NREGA पर खर्च किए गए 56,492 करोड़ रुपये में से 4,821 करोड़ रुपये का वित्तपोषण किया और 2006 से 2026 के बीच 182 करोड़ मानव-दिवस सृजित किए, तथा इस साल अकेले राज्य को प्रस्तावित 5,709 करोड़ में से 3,806 करोड़ रुपये खर्च करने की उम्मीद है। राज्य इस योजना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की योजना बना रहा है, जो केंद्र और राज्य के बीच टकराव का संकेत देता है।
एक केंद्रीय मांग ऊंची मजदूरी की है। मंत्री ने केंद्र से वर्तमान 375 रुपये प्रति दिन की मजदूरी बढ़ाने का आग्रह किया, यह तर्क देते हुए कि राज्य द्वारा अपनी न्यूनतम मजदूरी संशोधित करने के बाद यह आवश्यक हो गया है। ऐसी कल्याणकारी योजनाओं में मजदूरी तय करना और लागत-साझाकरण बार-बार टकराव के बिंदु बनते हैं, क्योंकि केंद्र और राज्य अक्सर इस बात पर असहमत रहते हैं कि कौन कितना भुगतान करे।
यह प्रकरण किसी कल्याणकारी योजना पर केंद्र-राज्य टकराव का एक स्पष्ट उदाहरण है, जो राजकोषीय संघवाद, वित्तपोषण की जिम्मेदारी के विभाजन और प्रमुख कार्यक्रमों का नाम बदलने की राजनीति को छूता है। मंत्री ने कहा कि योजना से जुड़े मुद्दे 28 जून को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री के साथ बैठक में उठाए जाएंगे।
अभ्यर्थियों को मूल नाम (MGNREGA, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 पर आधारित है और 100 दिन के काम की गारंटी देता है), नया नाम VB-G RAM-G, और मजदूरी एवं वित्तपोषण का संघवाद-पक्ष याद रखना चाहिए। कर्नाटक के सुप्रीम कोर्ट जाने की योजना पर ध्यान दें।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- MGNREGA/NREGA का नाम बदलकर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), यानी VB-G RAM-G किया गया
- MGNREGA 2005 के अधिनियम के तहत प्रति परिवार 100 दिन तक के सवेतन ग्रामीण कार्य की गारंटी देता है
- कर्नाटक इसे 1 जुलाई से लागू करेगा लेकिन इस बदलाव का विरोध करता है
- कर्नाटक राजकोषीय बोझ का हवाला देता है: इस साल प्रस्तावित राज्य खर्च 3,806 करोड़ रुपये
- राज्य वर्तमान 375 रुपये प्रति दिन से ऊपर मजदूरी वृद्धि चाहता है
- कर्नाटक इस योजना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की योजना बना रहा है
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC, SSC और State PCS में पॉलिटी एवं गवर्नेंस (कल्याणकारी योजनाएं, MGNREGA, केंद्र-राज्य राजकोषीय संघवाद) के लिए महत्वपूर्ण।
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