Science & Tech 22 Apr 2026

DRDO ने एआई आधारित 'प्रज्ञा' उपग्रह इमेजिंग प्रणाली गृह मंत्रालय को सौंपी

DRDO ने AI-आधारित Prajna satellite imaging system को Ministry of Home Affairs को सौंप दिया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को real-time geospatial खुफ़िया और सीमा निगरानी के लिए स्वदेशी उपकरण मिल गया है।

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Defence Research and Development Organisation (DRDO) ने New Delhi के Kartavya Bhawan-3 में आयोजित समारोह में Ministry of Home Affairs (MHA) को स्वदेशी रूप से विकसित satellite imaging system 'Prajna' औपचारिक रूप से सौंप दिया है। यह प्रणाली Department of Defence Research and Development के सचिव द्वारा Union Home Secretary को हस्तांतरित की गई, और इस handover की रिपोर्टें 22-04-2026 को सर्कुलेट हुईं।

Prajna का विकास Centre for Artificial Intelligence and Robotics (CAIR) ने किया है, जो DRDO की Bengaluru स्थित प्रयोगशाला है और command-control, communications, computers, intelligence, surveillance and reconnaissance (C4ISR) में विशेषज्ञता रखती है। यह platform high-resolution satellite imagery को AI-based analytics के साथ जोड़कर सुरक्षा एजेंसियों को near real-time खुफ़िया जानकारी देता है। यह संदिग्ध गतिविधियों के pattern को flag कर सकता है, दूरस्थ और सीमा क्षेत्रों की निगरानी कर सकता है, और counter-terrorism एवं disaster-response अभियानों में सहायता दे सकता है।

स्वदेशी geospatial intelligence के उपयोग से यह platform विदेशी commercial satellite imagery providers पर निर्भरता कम करता है और संवेदनशील operational data को sovereign systems के भीतर रखता है। इसका उद्देश्य Intelligence Bureau, Central Armed Police Forces और राज्य पुलिस जैसी एजेंसियों के काम का अस्थिर क्षेत्रों में पूरक होना है। यह handover DRDO products के cross-ministry transfer के एक स्थापित pattern का हिस्सा है – पूर्व उदाहरणों में explosive-detection kits, body armour और unmanned ground vehicles शामिल हैं।

परीक्षा दृष्टिकोण: ध्यान दें कि Prajna को DRDO की CAIR प्रयोगशाला (Bengaluru) ने विकसित किया, यह AI-based satellite imaging system है, और अब Ministry of Home Affairs के पास है। Banking GA और UPSC Prelims अक्सर DRDO labs को उनकी विशेषज्ञता से जोड़कर पूछते हैं (CAIR – AI व robotics, DRDL – missiles, ADE – aeronautics)।

याद रखने योग्य मुख्य बिंदु

  • DRDO ने अप्रैल 2026 के अंत में 'Prajna' AI-आधारित satellite imaging system MHA को सौंपा।
  • विकास DRDO की Centre for Artificial Intelligence and Robotics (CAIR), Bengaluru ने किया।
  • High-resolution satellite imagery को AI analytics के साथ जोड़ता है, real-time निर्णय के लिए।
  • सीमा प्रबंधन, counter-terrorism और disaster-response अभियानों में सहायक।
  • विदेशी commercial satellite imagery पर निर्भरता घटाता है।
  • Handover समारोह New Delhi के Kartavya Bhawan-3 में आयोजित।

परीक्षा प्रासंगिकता

Banking GA, SSC GK और UPSC Prelims — DRDO labs (CAIR), सुरक्षा में AI और स्वदेशी defence-tech पर। GS-3 आंतरिक सुरक्षा के लिए उपयोगी।

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