स्वीडन इसरो समझौते के तहत भारत के शुक्रयान शुक्र मिशन में शामिल हुआ
भारत और स्वीडन ने मई 2026 में इसरो के शुक्रयान मिशन — भारत के शुक्र ग्रह के पहले समर्पित मिशन — के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। स्वीडन शुक्र पर सौर पवन और वायुमंडलीय क्षय का अध्ययन करने के लिए वीनसियन न्यूट्रल्स एनालाइज़र (VNA) बनाएगा।
भारत और स्वीडन ने शुक्रयान पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई है, जो शुक्र ग्रह के लिए भारत का पहला समर्पित मिशन है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और स्वीडिश राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ने ग्रहीय अन्वेषण में सहयोग बढ़ाने के लिए मई 2026 में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वीडन यात्रा के दौरान अंतिम रूप दिया गया।
इस साझेदारी के तहत स्वीडन वीनसियन न्यूट्रल्स एनालाइज़र (VNA) नामक एक वैज्ञानिक उपकरण विकसित करेगा, जिसे स्वीडिश इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस फिजिक्स बनाएगा। यह उपकरण अध्ययन करेगा कि सौर पवन शुक्र के साथ किस प्रकार क्रिया करती है, ग्रह अपने वायुमंडल से गैसें कैसे खोता है, और इसके चारों ओर प्लाज्मा कैसे व्यवहार करता है।
शुक्रयान को शुक्र के वायुमंडल, ज्वालामुखीय सतह और मौसम प्रणालियों के अध्ययन के लिए तैयार किया गया है। वैज्ञानिक यह भी जानना चाहते हैं कि क्या कभी इस ग्रह की सतह पर तरल जल मौजूद था। शुक्र आकार में पृथ्वी के समान है, परन्तु इसका वायुमंडल अत्यधिक गर्म और घना है, जिससे इसका अध्ययन ग्रहीय परिवर्तन को समझने के लिए मूल्यवान बन जाता है।
यह सहयोग भारत द्वारा अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए बनाई गई अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक साझेदारियों की श्रृंखला में एक और कड़ी जोड़ता है। इससे इसरो को लागत और विशेषज्ञता साझा करने में मदद मिलती है, साथ ही गहन-अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत की स्थिति मजबूत होती है।
परीक्षार्थियों के लिए मुख्य तथ्य यह हैं कि शुक्रयान शुक्र के लिए भारत का पहला मिशन है, साझेदार देश स्वीडन है, और योगदान किया जा रहा उपकरण वीनसियन न्यूट्रल्स एनालाइज़र (VNA) है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- शुक्रयान शुक्र ग्रह के लिए भारत का पहला समर्पित मिशन है
- इसरो ने मई 2026 में स्वीडिश राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए
- समझौता पीएम मोदी की स्वीडन यात्रा के दौरान अंतिम रूप दिया गया
- स्वीडन वीनसियन न्यूट्रल्स एनालाइज़र (VNA) विकसित करेगा
- VNA शुक्र पर सौर पवन की क्रिया और वायुमंडलीय क्षय का अध्ययन करेगा
- मिशन के लक्ष्य: शुक्र के वायुमंडल, सतह, मौसम और अतीत के जल का अध्ययन
परीक्षा प्रासंगिकता
यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी — अंतरिक्ष मिशन), एसएससी व बैंकिंग सामान्य ज्ञान, तथा राज्य पीसीएस (विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग) के लिए प्रासंगिक।
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