पुणे में एशिया का पहला यूनेस्को चेयर ऑन जेंडर इंक्लूज़न एंड स्किल डेवलपमेंट शुरू
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने पुणे में एशिया का पहला यूनेस्को चेयर ऑन जेंडर इंक्लूज़न एंड स्किल डेवलपमेंट शुरू किया, जिसका उद्देश्य एआई, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने अप्रैल 2026 में पुणे में एशिया का पहला यूनेस्को चेयर ऑन जेंडर इंक्लूज़न एंड स्किल डेवलपमेंट शुरू किया। यूनेस्को चेयर एक विशेष शैक्षणिक पद है जो किसी विशेष क्षेत्र में अनुसंधान, प्रशिक्षण और ज्ञान साझा करने को बढ़ावा देने के लिए बनाया जाता है।
यह नया चेयर उभरते कौशल क्षेत्रों में लैंगिक अंतर को कम करने के लिए स्थापित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य अधिक महिलाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर जैसी उन्नत तकनीकी क्षेत्रों में भाग लेने में मदद करना है।
यह चेयर अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम करेगा। यह आधुनिक उद्योग की ज़रूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने और विश्वविद्यालयों व कंपनियों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करने की योजना बना रहा है।
यह कदम भारत के कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण के व्यापक लक्ष्यों का समर्थन करता है।
परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण तथ्य: इसे जयंत चौधरी ने शुरू किया, स्थान पुणे था, यह एशिया का पहला ऐसा यूनेस्को चेयर है, और इसका केंद्र लैंगिक समावेशन व कौशल विकास है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- एशिया का पहला यूनेस्को चेयर ऑन जेंडर इंक्लूज़न एंड स्किल डेवलपमेंट
- शुरूकर्ता: केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी
- स्थान: पुणे
- केंद्र: एआई, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर में महिलाओं की भागीदारी
- अनुसंधान व प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य
परीक्षा प्रासंगिकता
यूपीएससी प्रीलिम्स (सामाजिक मुद्दे, यूनेस्को), एसएससी और राज्य पीसीएस के लिए प्रासंगिक।
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