असम ने समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया — विवाह व लिव-इन शामिल
असम ने विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों को कवर करने वाला UCC विधेयक पेश किया; जनजातीय समुदायों को कुछ प्रावधानों से छूट।
असम सरकार ने Uniform Civil Code (UCC), Assam 2026 विधेयक पेश किया है, जो विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों को नियंत्रित करने वाला एकल नागरिक कानूनी ढाँचा प्रस्तावित करता है। समान नागरिक संहिता का लक्ष्य सभी नागरिकों पर धर्म से परे एक समान व्यक्तिगत कानून लागू करना है।
मसौदे में विवाह और लिव-इन संबंधों का अनिवार्य पंजीकरण प्रस्तावित है, साथ ही समय-सीमा और उल्लंघन पर दंड तय हैं। सरकार ने कहा है कि जनजातीय समुदायों सहित कुछ समुदायों को कुछ प्रावधानों से छूट दी जाएगी।
UCC संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य के नीति-निदेशक तत्व (DPSP) के रूप में दर्ज है, जो राज्य से समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रयास करने को कहता है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- असम ने UCC विधेयक 2026 पेश किया
- विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव-इन शामिल
- विवाह व लिव-इन का अनिवार्य पंजीकरण
- जनजातीय समुदायों को कुछ प्रावधानों से छूट
- UCC अनुच्छेद 44 (DPSP) से जुड़ा
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC प्रारंभिक व मुख्य (राजनीति — DPSP, अनुच्छेद 44, UCC) और राज्य PCS के लिए प्रासंगिक।
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