सीबीएसई का कक्षा 12 हेतु ऑन-स्क्रीन मार्किंग — सुधार में आरंभिक चुनौतियाँ
सीबीएसई ने फ़रवरी 2026 में लगभग 18 लाख कक्षा-12 छात्रों के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग लागू की, परीक्षा शुरू होने से मात्र एक सप्ताह पहले। धुँधले स्कैन, छूटे पृष्ठ एवं सीमित परीक्षण से सुधार की प्रक्रिया पर प्रश्न उठे हैं।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने फ़रवरी 2026 में लगभग 18 लाख कक्षा-12 छात्रों की अंतिम परीक्षाओं से मात्र एक सप्ताह पहले ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली लागू कर दी। यह प्रणाली पारंपरिक भौतिक मूल्यांकन के स्थान पर पूरी तरह डिजिटल ढाँचा अपनाती है, जहाँ उत्तर-पुस्तिकाएँ स्कैन कर परीक्षकों को स्क्रीन पर मूल्यांकन के लिए दी जाती हैं और अंक सीधे सॉफ़्टवेयर में दर्ज होते हैं।
ओएसएम का उद्देश्य मूल्यांकन में दक्षता, ट्रेसबिलिटी एवं एकरूपता लाना, मैनुअल त्रुटियाँ कम करना और परिणाम-तैयारी की गति बढ़ाना है। परन्तु रोलआउट के बाद धुँधले या आंशिक स्कैन, छूटे पृष्ठ, परीक्षकों को भुगतान-विफलता, उत्तर-पुस्तिका मिलान न होने तथा साइबर-सुरक्षा संबंधी शिकायतें सामने आईं। आलोचकों ने इंगित किया कि जनवरी 2026 में मात्र पाँच विद्यालयों के बीच तीन-दिवसीय ड्राय-रन हुआ और किसी क्षेत्रीय कार्यालय में पायलट नहीं किया गया।
यह प्रकरण दर्शाता है कि वृहद् लोक-परीक्षा प्रणालियों में चरणबद्ध कार्यान्वयन, वास्तविक परिस्थितियों में दबाव-परीक्षण, शिक्षक प्रशिक्षण, शहरी-ग्रामीण विश्वसनीय अवसंरचना तथा स्पष्ट शिकायत-समाधान आवश्यक हैं। यह बहस राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तकनीक-आधारित मूल्यांकन के विचार तथा एनसीईआरटी के अंतर्गत परख (PARAKH) जैसी संस्थाओं के कार्य से जुड़ती है।
अभ्यर्थियों के लिए यह डिजिटल रूपांतरण की शासन-चुनौतियों, शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत सीबीएसई की भूमिका तथा बिना पर्याप्त तैयारी के ई-शासन परियोजनाओं के स्केल पर सीमाओं का अच्छा उदाहरण है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- संस्था: सीबीएसई, शिक्षा मंत्रालय
- प्रणाली: कक्षा-12 हेतु ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम)
- प्रभावित छात्र: लगभग 18 लाख
- रिपोर्ट की गई समस्याएँ: धुँधले स्कैन, छूटे पृष्ठ, भुगतान-विफलता, साइबर-सुरक्षा
- पायलट: जनवरी 2026 में केवल पाँच विद्यालयों में तीन-दिवसीय; क्षेत्रीय कार्यालय में नहीं
- संबंधित नीति: एनईपी 2020; एनसीईआरटी के अंतर्गत परख
परीक्षा प्रासंगिकता
यूपीएससी (शासन, शिक्षा — एनईपी 2020, सीबीएसई, परख, ई-शासन), एसएससी, बैंकिंग, शिक्षक भर्ती परीक्षाएँ (सीटीईटी, केवीएस) तथा राज्य पीसीएस के लिए उपयोगी।
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