चीन ने जापान-फिलीपींस की समुद्री सीमा वार्ता को 'अवैध एवं अमान्य' बताया
चीन ने ताइवान के पूर्व जापान-फिलीपींस की समुद्री सीमा वार्ता योजना की निंदा की है तथा उन्हीं जलक्षेत्रों को अपने EEZ का भाग बताया है। यह कदम प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची एवं राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर की मुलाक़ात के बाद आया।
चीन ने ताइवान के पूर्व के समुद्री क्षेत्र में जापान एवं फिलीपींस द्वारा समुद्री सीमा पर औपचारिक वार्ता शुरू करने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है और प्रस्तावित बातचीत को 'पूरी तरह अवैध एवं अमान्य' बताया है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने 29 मई 2026 को बीजिंग में नियमित प्रेस सम्मेलन में यह बयान दिया।
जापान एवं फिलीपींस ने यह वार्ता घोषणा फिलीपीनी राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर एवं जापानी प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची की 28 मई 2026 को टोक्यो में हुई मुलाक़ात के दौरान की। दोनों सरकारों ने कहा कि वे दोनों देशों के बीच साझा विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) एवं महाद्वीपीय शेल्फ की समुद्री सीमा तय करने का प्रयास करेंगी। बीजिंग ने उन्हीं जलक्षेत्रों में अपने स्वयं के EEZ एवं महाद्वीपीय शेल्फ का दावा दोहराया तथा कहा कि उसने टोक्यो एवं मनीला दोनों से गंभीर प्रतिनिधित्व दर्ज कराया है।
विवादित जलक्षेत्र ताइवान के निकट है, जिसे चीन अपना क्षेत्र मानता है, तथा यह पूर्वी एशिया के समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण विवादित प्रथम द्वीप शृंखला (First Island Chain) का हिस्सा है। चीनी कोस्ट गार्ड की पूर्वी एवं दक्षिण चीन सागर में गतिविधियों को लेकर साझा चिंता के कारण टोक्यो एवं मनीला हाल के वर्षों में निकट आए हैं। फिलीपींस ने जापान के साथ Visiting Forces Agreement-शैली के समझौते भी बढ़ाए हैं, जबकि टोक्यो ने मनीला को गश्ती जहाज़ हस्तांतरण तेज़ किए हैं।
भारत के लिए यह विवाद महत्वपूर्ण है क्योंकि इंडो-पैसिफिक उसकी विदेश नीति का प्राथमिकता क्षेत्र है तथा इन जलक्षेत्रों में मुक्त, खुली और नियम-आधारित नौवहन देश के पूर्वी एशिया से व्यापार के लिए केंद्रीय है। नई दिल्ली ने सदैव अंतर्राष्ट्रीय कानून, विशेषकर UN समुद्री कानून अभिसमय (UNCLOS) के अनुरूप समुद्री विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया है, हालाँकि उसने इस विशेष जापान-फिलीपींस पहल पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- चीन ने जापान-फिलीपींस समुद्री सीमा वार्ता को 'अवैध एवं अमान्य' बताया
- वार्ता घोषणा PM ताकाइची-राष्ट्रपति मार्कोस की 28 मई 2026 की टोक्यो मुलाक़ात के बाद
- विवादित जलक्षेत्र ताइवान के पूर्व, चीन के दावा वाले EEZ के भीतर
- विवादित First Island Chain का हिस्सा
- चीनी कोस्ट गार्ड दबाव के बीच जापान-फिलीपींस रक्षा संबंध गहरे हुए
- भारत UNCLOS के तहत शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC मुख्य (GS-II इंडो-पैसिफिक, UNCLOS, भारत की विदेश नीति), प्रारंभिक (First Island Chain, UNCLOS) के लिए प्रासंगिक।
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