दिल्ली सरकार ने व्यावसायिक और समग्र शिक्षा शिक्षकों के वेतन में वृद्धि की
दिल्ली सरकार ने 1,100 से अधिक व्यावसायिक और समग्र शिक्षा शिक्षकों के वेतन में वृद्धि को मंजूरी दी — क्रमशः प्रति माह 38,100 रुपये और 35,420 रुपये — ताकि संविदा शिक्षकों को सहायता मिले और स्कूली शिक्षा बेहतर हो।
दिल्ली सरकार ने स्कूली शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने और संविदा शिक्षकों को सहायता देने के लिए व्यावसायिक (वोकेशनल) और समग्र शिक्षा शिक्षकों के वेतन में बड़ी वृद्धि को मंजूरी दी।
संशोधित ढांचे के तहत अब व्यावसायिक शिक्षकों को प्रति माह 38,100 रुपये और समग्र शिक्षा शिक्षकों को प्रति माह 35,420 रुपये मिलेंगे। नया वेतन इन संविदा शिक्षकों को नियमित शिक्षण कर्मचारियों के वेतन स्तर के काफी करीब ले आता है।
इस निर्णय से 1,100 से अधिक व्यावसायिक शिक्षकों और शिक्षकों को लाभ होगा जो सैकड़ों विशेष प्रशिक्षण केंद्रों में काम करते हैं। ये केंद्र स्कूल छोड़ चुके बच्चों को औपचारिक शिक्षा में वापस लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
समग्र शिक्षा स्कूली शिक्षा के लिए एक केंद्र प्रायोजित एकीकृत योजना है जो प्री-स्कूल से कक्षा 12 तक को कवर करती है। वेतन बढ़ाकर सरकार शिक्षकों को बनाए रखने, आर्थिक असुरक्षा कम करने और औपचारिक प्रणाली में लौट रहे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सहायता देने का लक्ष्य रखती है।
परीक्षा के दृष्टिकोण से मुख्य बात समग्र शिक्षा योजना से जुड़ाव और स्कूल से बाहर के बच्चों को मुख्यधारा में लाने में विशेष प्रशिक्षण केंद्रों की भूमिका है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- दिल्ली सरकार ने व्यावसायिक और समग्र शिक्षा शिक्षकों का वेतन बढ़ाया
- व्यावसायिक शिक्षक: प्रति माह 38,100 रुपये
- समग्र शिक्षा शिक्षक: प्रति माह 35,420 रुपये
- विशेष प्रशिक्षण केंद्रों के 1,100 से अधिक शिक्षकों को लाभ
- उद्देश्य: शिक्षकों को बनाए रखना और स्कूल छोड़ने वालों को सहायता
- समग्र शिक्षा प्री-स्कूल से कक्षा 12 तक की केंद्र प्रायोजित योजना है
परीक्षा प्रासंगिकता
शिक्षण परीक्षाओं (सीटीईटी/राज्य टीईटी), यूपीएससी (शासन — शिक्षा योजनाएं) और एसएससी (सामान्य ज्ञान — समग्र शिक्षा) के लिए प्रासंगिक।
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