वैश्विक ऊर्जा लागत बढ़ने के बीच घरेलू LPG की कीमत में प्रति सिलेंडर Rs 29 की बढ़ोतरी
घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत Rs 29 बढ़ा दी गई है, जो तीन महीनों में दूसरी बढ़ोतरी है और इससे तीन महीने का कुल आंकड़ा Rs 89 हो गया है। सरकार इस बढ़ोतरी को ऊंची वैश्विक ऊर्जा लागत, Saudi Contract Price मानक में 46 per cent की उछाल और खाड़ी क्षेत्र में आपूर्ति बाधाओं से जोड़ती है।
भारत में घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमत Rs 29 बढ़ा दी गई है। LPG, यानी Liquefied Petroleum Gas, वह रसोई ईंधन है जो घरेलू सिलेंडरों में दिया जाता है। तीन महीनों में यह दूसरी बार बढ़ोतरी हुई है। इस बदलाव के बाद दिल्ली में एक सामान्य सिलेंडर की कीमत लगभग Rs 942 हो गई है। इससे पहले 7 March 2026 को Rs 60 की बढ़ोतरी की गई थी, जिसका मतलब है कि तीन महीनों में कुल बढ़ोतरी प्रति सिलेंडर Rs 89 हो जाती है।
सरकार ने बताया है कि यह बढ़ी हुई कीमत स्थानीय कारणों के बजाय वैश्विक ऊर्जा बाज़ार की परिस्थितियों से जुड़ी है। पश्चिम एशिया में संघर्ष छिड़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय ईंधन आपूर्ति बाधित हुई, और अब LPG भारत से दूर स्थित कुछ ही देशों से मंगाई जा रही है। चूंकि जहाज़ से इस सफर में करीब 40 से 45 दिन लगते हैं, इसलिए ईंधन की ऊंची मूल कीमत के अलावा परिवहन और बीमा की लागत भी बढ़ गई है। अधिकारियों ने कहा कि देश को लगातार ऊंची माल ढुलाई (freight) और आपूर्ति लागत का सामना करना पड़ रहा है।
भारत का LPG आयात बिल Saudi Contract Price (CP) से जुड़ा है, जो इस ईंधन की लागत तय करने के लिए इस्तेमाल होने वाला वैश्विक मानक (benchmark) है। यह मानक February 2026 से अब तक लगभग 46 per cent बढ़ चुका है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति घट गई, जिसका एक कारण Strait of Hormuz के पास हुई बाधाएं हैं। Strait of Hormuz एक संकरा समुद्री रास्ता है, जिससे दुनिया के तेल और गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा गुज़रता है। इसके चलते अब एक घरेलू सिलेंडर की पूरी आपूर्ति लागत Rs 1,600 से अधिक आंकी गई है।
सरकार ने कहा है कि इस बढ़ोतरी के बावजूद भारतीय परिवार अब भी दुनिया में सबसे कम रसोई गैस कीमतों में से एक चुकाते हैं। ताज़ा बदलाव से पहले अनुमान था कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां (oil marketing companies) हर बिकने वाले LPG सिलेंडर पर करीब Rs 703 का नुकसान उठा रही थीं, क्योंकि बिक्री कीमत असली आपूर्ति लागत से काफी कम बनी रहती है। अधिकारियों ने कहा कि लक्ष्य यह है कि आम उपभोक्ता पर बोझ कम रखा जाए और साथ ही नए स्रोतों से खरीद बढ़ाई जाए।
परीक्षा की तैयारी के लिहाज़ से यह घटनाक्रम ज़रूरी ईंधनों की कीमत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं, Saudi Contract Price मानक, और Strait of Hormuz व खाड़ी क्षेत्र के रणनीतिक महत्व से जोड़ता है। अभ्यर्थियों को सटीक आंकड़े याद रखने चाहिए (Rs 29 की ताज़ा बढ़ोतरी, 7 March 2026 को Rs 60, तीन महीनों में कुल Rs 89, करीब Rs 1,600 आपूर्ति लागत, 46 per cent मानक वृद्धि), under-recoveries को सहने में सरकारी तेल विपणन कंपनियों की भूमिका, और ऊर्जा पर आयात-निर्भरता किस तरह घरेलू कीमतों और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- घरेलू LPG (Liquefied Petroleum Gas) रसोई सिलेंडर की कीमत Rs 29 बढ़ाई गई, जो तीन महीनों में दूसरी बढ़ोतरी है।
- इससे पहले 7 March 2026 को Rs 60 की बढ़ोतरी हुई थी; तीन महीनों में कुल वृद्धि प्रति सिलेंडर Rs 89 है।
- भारत की LPG आयात लागत Saudi Contract Price (CP) से जुड़ी है, जो February 2026 से लगभग 46 per cent बढ़ चुकी है।
- एक घरेलू सिलेंडर की पूरी आपूर्ति लागत अब Rs 1,600 से अधिक आंकी गई है।
- बदलाव से पहले अनुमान था कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां प्रति बिकने वाले सिलेंडर पर करीब Rs 703 का नुकसान उठा रही थीं।
- Strait of Hormuz के पास बाधाओं के कारण आपूर्ति घटी, जो खाड़ी क्षेत्र के तेल और गैस निर्यात का एक प्रमुख समुद्री मार्ग है।
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC, SSC, Banking, Railway और State PCS परीक्षाओं के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था एवं ऊर्जा सुरक्षा के अंतर्गत प्रासंगिक, जिसमें LPG कीमत, Saudi Contract Price मानक, तेल विपणन कंपनियों की under-recoveries और Strait of Hormuz शामिल हैं।
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