पहली सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड किस्त की अंतिम मोचन तिथि
पहली SGB किस्त (2018-19 Series-I) आठ वर्ष की परिपक्वता के बाद 4 मई 2026 को अंतिम मोचन पर पहुँची।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने Sovereign Gold Bond (SGB) योजना की पहली किस्त — 4 मई 2018 को जारी 2018-19 Series-I — के अंतिम मोचन (redemption) की घोषणा की है। योजना के अनुसार गोल्ड बॉन्ड जारी होने से आठ वर्ष में परिपक्व होते हैं, अतः इस किस्त की अंतिम मोचन तिथि 4 मई 2026 है।
Sovereign Gold Bonds सरकारी प्रतिभूतियाँ हैं जो सोने के ग्राम में अंकित होती हैं और RBI द्वारा भारत सरकार की ओर से जारी की जाती हैं। निवेशक नकद में मूल्य चुकाते हैं और मोचन पर सोने का मूल्य तथा निश्चित ब्याज पाते हैं।
मोचन मूल्य पिछले कुछ कारोबारी दिनों के औसत समापन मूल्य पर आधारित होता है। योजना का उद्देश्य भौतिक सोने की माँग घटाना और बचत को वित्तीय संपत्तियों में लाना था।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- SGB 2018-19 Series-I (4 मई 2018 जारी) का अंतिम मोचन
- परिपक्वता: जारी होने से 8 वर्ष
- RBI द्वारा भारत सरकार हेतु जारी, सोने के ग्राम में अंकित
- मोचन मूल्य = पिछले दिनों का औसत समापन स्वर्ण मूल्य
- उद्देश्य: भौतिक सोने की माँग घटाना
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC प्रारंभिक (अर्थव्यवस्था — सरकारी प्रतिभूति, सोना) और बैंकिंग के लिए प्रासंगिक।
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