सूर्यास्त के बाद सौर उत्पादन गिरने से भारत में शाम 6-10 बजे बिजली की कमी
शाम 6 बजे से 10 बजे के बीच सौर उत्पादन गिरने और 40 GW थर्मल क्षमता के फ़ोर्स्ड आउटेज में होने से भारत में बार-बार बिजली की कमी हो रही है। 26 मई 2026 को 15.87 MUs की कमी रही, जो अनुमत सीमा से चार गुना अधिक है।
भारत के पावर ग्रिड में शाम के शुरुआती घंटों में एक नई कमज़ोरी सामने आई है, जब सौर उत्पादन घटता है लेकिन कूलिंग उपकरणों की माँग ऊँची बनी रहती है। ग्रिड कंट्रोलर ऑफ़ इंडिया के आँकड़े बताते हैं कि 26 मई 2026 को 15.87 मिलियन यूनिट (MUs) की कमी रही — इतनी बिजली से लगभग 30 लाख घर एक दिन तक रोशन हो सकते हैं। यह कमी कुल माँग का 0.2 प्रतिशत है, जो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की 0.05 प्रतिशत की अनुमत सीमा से कहीं अधिक है।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार शाम 6 बजे से 10 बजे की अवधि ग्रिड के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गई है। दिन में सौर आपूर्ति अब लू के समय भी पीक माँग के लिए पर्याप्त है, परंतु सूर्यास्त के बाद सिस्टम थर्मल एवं भंडारण क्षमता पर भारी निर्भर हो जाता है। भारत के 239 GW थर्मल बेड़े में से लगभग 40 GW (लगभग 15 प्रतिशत) इस समय तकनीकी ख़राबियों के कारण फ़ोर्स्ड आउटेज में है, जिससे शाम का सुरक्षा मार्जिन घट गया है।
हाल की अधिकांश कमियाँ उत्तरी एवं पश्चिमी क्षेत्रों में दिखी हैं, महाराष्ट्र, हरियाणा और पंजाब सर्वाधिक प्रभावित हैं। केंद्र ने राज्य वितरण कंपनियों से बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की खरीद तेज़ करने और वितरण-स्तरीय डिमांड-रिस्पॉन्स कार्यक्रम चालू करने को कहा है। शाम के पीक घंटों के लिए औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं हेतु नए शुल्क-स्लैब पर भी विचार चल रहा है ताकि कीमत-संकेतों से कुछ लोड ऑफ़-पीक समय पर हटाया जा सके।
स्थायी समाधान सौर के साथ भंडारण जोड़ने, पंप्ड हाइड्रो बढ़ाने और शाम के लिए लचीले गैस-आधारित संयंत्र लाने में है। विद्युत मंत्रालय ने 2030 तक 47 GW बैटरी भंडारण क्षमता का लक्ष्य रखा है, लेकिन अभी इसका एक छोटा हिस्सा ही चालू है, जिससे शाम की विश्वसनीयता इस गर्मी की सबसे बड़ी विद्युत-क्षेत्र चुनौती है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- शाम 6-10 बजे की बिजली कमी भारतीय ग्रिड की सबसे बड़ी चुनौती
- 26 मई 2026 को ऊर्जा कमी 15.87 MUs (माँग का 0.2%)
- 239 GW थर्मल क्षमता में से 40 GW (लगभग 15%) फ़ोर्स्ड आउटेज में
- महाराष्ट्र, हरियाणा एवं पंजाब सर्वाधिक प्रभावित
- 2030 तक 47 GW बैटरी भंडारण क्षमता का लक्ष्य
- CEA की अनुमत ऊर्जा कमी सीमा 0.05 प्रतिशत
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC प्रारंभिक (ऊर्जा सुरक्षा, अक्षय ऊर्जा), SSC सामान्य जागरूकता, राज्य PCS (विद्युत क्षेत्र), बैंकिंग परीक्षा के लिए प्रासंगिक।
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