2026 विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत 157वें स्थान पर
2026 विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत 180 देशों में से 157वें स्थान पर रहा, स्कोर 31.96 रहा। नॉर्वे शीर्ष पर और इरिट्रिया अंतिम स्थान पर रहा। यह सूचकांक रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) हर वर्ष प्रकाशित करता है।
2026 विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत को 180 देशों में से 157वाँ स्थान मिला। इस वार्षिक आकलन में देश को 31.96 का वैश्विक स्कोर मिला, जिसे प्रेस-स्वतंत्रता संगठन रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) प्रकाशित करता है।
यह सूचकांक विभिन्न देशों में प्रेस-स्वतंत्रता की स्थिति को राजनीतिक संदर्भ, कानूनी ढाँचे, आर्थिक स्थिति, सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण और पत्रकारों की सुरक्षा जैसे कारकों के आधार पर मापता है। यह 2002 से हर वर्ष प्रकाशित किया जाता है।
2026 की रैंकिंग में नॉर्वे ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया जबकि इरिट्रिया अंतिम स्थान पर रहा। RSF, जिसका मुख्यालय पेरिस, फ्रांस में है, एक अंतर्राष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन है जो सूचना की स्वतंत्रता और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करता है।
परीक्षार्थियों के लिए इस तरह की सूचकांक रैंकिंग अक्सर परीक्षाओं में पूछी जाती है, इसलिए भारत की रैंक (180 में से 157वीं) और प्रकाशक संस्था (RSF) को याद रखना उपयोगी है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- रिपोर्ट: 2026 विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक
- भारत की रैंक: 180 में से 157वीं (स्कोर 31.96)
- प्रकाशक: रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF), पेरिस स्थित
- शीर्ष रैंक: नॉर्वे; अंतिम रैंक: इरिट्रिया
- 2002 से प्रतिवर्ष प्रकाशित
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC प्रीलिम्स (रिपोर्ट्स एवं सूचकांक), SSC CGL (सामान्य ज्ञान) और बैंकिंग परीक्षाओं (करंट अफेयर्स) के लिए उपयोगी।
संबंधित लेख
एससी कॉलेजियम ने चार उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधीशों और एक वरिष्ठ अधिवक्ता …
सीजेआई सूर्य कांत के नेतृत्व वाले सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने न्यायालय की संख्या 33 से …
सुप्रीम कोर्ट: दहेज और क्रूरता के मामलों में पति के रिश्तेदार स्वतः …
25 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दहेज और क्रूरता के मामलों में …
सरकार ने अनुसूचित जाति विकास योजना के डिजिटलीकरण के लिए PM-AJAY पोर्टल …
25 मई 2026 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना …
सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग की मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण पर फैसला …
सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने …
असम ने समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया — विवाह व लिव-इन …
असम ने विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों को कवर करने वाला UCC विधेयक पेश …