पश्चिम एशिया संकट गहराया: ईरान-इज़राइल मिसाइल हमलों का दौर फिर शुरू, 100 दिन का युद्ध तेल मार्गों पर दबाव बढ़ा रहा
7 June 2026 को ईरान ने April के युद्धविराम के बाद पहली बार इज़राइल पर मिसाइलें दागीं, यह बेरूत पर इज़राइली हमलों के बाद हुआ। युद्ध के 100वें दिन और Strait of Hormuz के बाधित होने के साथ, यह संकट भारत की तेल कीमतों, Gulf प्रवासियों और ऊर्जा सुरक्षा को सीधे प्रभावित करता है।
7 June 2026 को पश्चिम एशिया में संघर्ष तब तेज़ी से बिगड़ गया जब इज़राइल ने ईरान की ओर से मिसाइल हमले की सूचना दी। April की शुरुआत में एक कमज़ोर युद्धविराम (लड़ाई का अस्थायी रूप से रुकना) लागू होने के बाद यह पहला सीधा हमला था। इज़राइल के कई हिस्सों में सायरन बजे और उसके वायु रक्षा तंत्र ने मिसाइलों को रोकने का काम किया। इज़राइल की Home Front Command, जो आपात स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा संभालती है, ने 8 June 2026 को सभी स्कूल बंद करने का आदेश दिया और पूरे देश को सीमित गतिविधि के अधीन रखा। ईरान का यह मिसाइल हमला उसी दिन लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इज़राइली हवाई हमलों के जवाब में आया, जो ईरान समर्थित सशस्त्र समूह Hezbollah का गढ़ हैं।
इज़राइल ने कहा कि बेरूत पर उसका हमला कमांड केंद्रों को निशाना बनाकर किया गया था और यह उसी दिन पहले Hezbollah द्वारा उत्तरी इज़राइल की ओर रॉकेट दागे जाने का जवाब था। लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार एक रिहायशी इमारत पर हमला हुआ, जिसमें दो लोग मारे गए और करीब बीस घायल हुए। ईरान की सैन्य कमान ने चेतावनी दी कि इज़राइल को लेबनान पर हमले बंद करने होंगे, वरना उसे "और भी विनाशकारी प्रहार" झेलने होंगे, और कहा कि इन हमलों ने "सभी लाल रेखाएं पार कर दी हैं"। Hezbollah, जिसने लेबनान और इज़राइल के बीच United States की मध्यस्थता वाले युद्धविराम समझौते को ठुकरा दिया है, ने ज़ोर देकर कहा कि कोई भी स्थायी शांति लेबनान को भी शामिल करनी चाहिए। इस घटनाक्रम ने उन हफ्तों की अप्रत्यक्ष वार्ताओं के टूटने का संकेत दिया, जो April के युद्धविराम को स्थायी समझौते में बदलने में नाकाम रही थीं।
7 June 2026 को यह लड़ाई अपने 100वें दिन में पहुंच गई और इसका कोई स्पष्ट अंत नहीं दिख रहा। एक बड़ा संकट बिंदु Strait of Hormuz है, जो Persian Gulf के मुहाने पर एक संकरा समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया के तेल और गैस का बड़ा हिस्सा भेजा जाता है। ईरान द्वारा पहले इस संकरे मार्ग को बंद करने और United States द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित किया है और वित्तीय बाज़ारों को हिला दिया है। उसी दिन United States की सेना ने कहा कि उसने जलमार्ग में जहाजों के लिए खतरा बने दो ईरानी हमलावर ड्रोन मार गिराए। इसके साथ-साथ कूटनीतिक प्रयास भी जारी रहे, जिसमें Pakistan एक मध्यस्थ (एक तटस्थ बिचौलिया) की भूमिका निभा रहा है और उसने ईरान-United States वार्ता फिर से शुरू करने की कोशिश में ईरानी नेतृत्व को एक लिखित संदेश पहुंचाया।
इस युद्ध की भारी मानवीय और आर्थिक कीमत चुकानी पड़ी है। इज़राइल के केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने अनुमान लगाया कि October 2023 से क्षेत्रीय संघर्षों की इस श्रृंखला की लागत करीब 138 billion United States dollars रही है, यानी इज़राइल के GDP (Gross Domestic Product, यानी किसी देश में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य) के 17 प्रतिशत से अधिक। यह संकट अन्य Gulf देशों में भी फैल गया है और पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है, जबकि स्थायी संघर्षविराम पर बातचीत बार-बार अटक गई है क्योंकि दोनों पक्षों की मांगें बहुत अलग हैं। यह घटना brinkmanship का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो Cold War के दौर का एक शब्द है, जिसका अर्थ है किसी खतरनाक टकराव को इस हद तक धकेलना कि दूसरा पक्ष पीछे हटने को मजबूर हो जाए।
परीक्षा की तैयारी के लिहाज़ से यह घटनाक्रम International Relations और करंट अफेयर्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पश्चिम एशिया में भारत के गहरे हित हैं: भारत अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा Strait of Hormuz के रास्ते आयात करता है, इसलिए वहां कोई भी रुकावट सीधे वैश्विक तेल कीमतों और भारत के आयात बिल को बढ़ा देती है, जिससे महंगाई बढ़ती है। भारत के लाखों नागरिक Gulf देशों में काम करते हैं, जिनकी सुरक्षा और remittances (घर भेजा जाने वाला पैसा) खतरे में हैं, जिससे निकासी (evacuation) अभियानों की संभावना बढ़ जाती है। यह संकट व्यापार मार्गों और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा है, और यह ईरान के Chabahar Port पर ध्यान केंद्रित करता है, जिसे भारत ने Afghanistan और Central Asia तक एक वैकल्पिक व्यापार द्वार के रूप में विकसित किया है, जो Pakistan को दरकिनार करता है। उम्मीदवारों को इस बात पर नज़र रखनी चाहिए कि भारत अपने आर्थिक हितों की रक्षा करते हुए इज़राइल, ईरान और Gulf देशों के साथ अपने संबंधों में कैसे संतुलन बनाता है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- 7 June 2026 को ईरान ने इज़राइल पर मिसाइलें दागीं, जो April 2026 के कमज़ोर युद्धविराम के बाद पहला सीधा हमला था; इज़राइल ने 8 June 2026 को सभी स्कूल बंद कर दिए।
- इसका कारण बेरूत के दक्षिणी उपनगरों (एक Hezbollah गढ़) पर इज़राइली हवाई हमले थे, जिनमें दो लोग मारे गए और करीब बीस घायल हुए।
- ईरान समर्थित सशस्त्र समूह Hezbollah ने United States की मध्यस्थता वाले लेबनान-इज़राइल युद्धविराम समझौते को ठुकरा दिया है।
- 7 June 2026 को युद्ध अपने 100वें दिन में पहुंचा; तेल और गैस के लिए एक प्रमुख संकरा शिपिंग मार्ग Strait of Hormuz बाधित बना हुआ है।
- United States ने Strait of Hormuz के ऊपर दो ईरानी ड्रोन मार गिराए; Pakistan ईरान-United States वार्ता फिर से शुरू कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
- इज़राइल के केंद्रीय बैंक ने October 2023 से क्षेत्रीय युद्ध की लागत करीब 138 billion United States dollars (GDP के 17 प्रतिशत से अधिक) आंकी है।
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC, State PCS, Banking और Defence के करंट अफेयर्स और International Relations के लिए महत्वपूर्ण, जो पश्चिम एशिया संघर्ष, Strait of Hormuz, brinkmanship और भारत की ऊर्जा सुरक्षा एवं Gulf प्रवासी हितों को कवर करता है।
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