महाराष्ट्र ने ₹6.5 लाख करोड़ के 25,400 मेगावाट परमाणु ऊर्जा के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए
महाराष्ट्र ने एनटीपीसी, अडानी पावर, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ललितपुर पावर के साथ लगभग ₹6.5 लाख करोड़ मूल्य की 25,400 मेगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता बनाने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए, जिसमें भारत स्मॉल रिएक्टर और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर का उपयोग होगा।
महाराष्ट्र ने राज्य में 25,400 मेगावाट (MW) परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लिए चार प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन परियोजनाओं में लगभग ₹6.5 लाख करोड़ का नियोजित निवेश है, जो किसी भी भारतीय राज्य द्वारा घोषित सबसे बड़े स्वच्छ-ऊर्जा प्रयासों में से एक है।
इसमें शामिल चार कंपनियाँ हैं — एनटीपीसी लिमिटेड, अडानी पावर, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और ललितपुर पावर जनरेशन कंपनी। योजनाओं में भारत स्मॉल रिएक्टर और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) जैसी उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकियाँ शामिल हैं — ये छोटे, कारखाने में बने रिएक्टर हैं जिन्हें बड़े पारंपरिक संयंत्रों की तुलना में स्थापित करना आसान है। प्रमुख परियोजनाएँ रत्नागिरी जिले और अन्य क्षेत्रों में नियोजित हैं।
परमाणु ऊर्जा जीवाश्म ईंधन जलाए बिना बिजली पैदा करती है, इसलिए इससे बहुत कम कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है। परमाणु क्षमता बढ़ाने से भारत को कोयले पर निर्भरता घटाते हुए अपनी बढ़ती बिजली माँग पूरी करने में मदद मिलती है। राज्य को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं से निर्माण और संचालन के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होंगे।
यह कदम भारत के ऊर्जा सुरक्षा के दीर्घकालिक लक्ष्य और 2070 तक शुद्ध-शून्य (नेट-ज़ीरो) कार्बन उत्सर्जन तक पहुँचने की प्रतिबद्धता का समर्थन करता है। यह परमाणु ऊर्जा में निजी कंपनियों को शामिल करने की दिशा में बदलाव को भी दर्शाता है, जो पहले मुख्यतः सरकारी संस्थाओं तक सीमित था।
परीक्षार्थियों के लिए ये आँकड़े याद रखें: 25,400 मेगावाट क्षमता, लगभग ₹6.5 लाख करोड़ निवेश, राज्य महाराष्ट्र है, और प्रमुख प्रौद्योगिकियाँ भारत स्मॉल रिएक्टर तथा स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर हैं।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- महाराष्ट्र ने 25,400 मेगावाट परमाणु ऊर्जा विकसित करने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए
- कुल नियोजित निवेश लगभग ₹6.5 लाख करोड़ है
- साझेदार कंपनियाँ: एनटीपीसी, अडानी पावर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ललितपुर पावर
- प्रौद्योगिकियाँ: भारत स्मॉल रिएक्टर और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR)
- प्रमुख परियोजनाएँ रत्नागिरी जिले में नियोजित
- भारत के 2070 तक नेट-ज़ीरो लक्ष्य और ऊर्जा सुरक्षा का समर्थन
परीक्षा प्रासंगिकता
यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (अर्थव्यवस्था एवं ऊर्जा, पर्यावरण), एसएससी व बैंकिंग सामान्य ज्ञान, तथा राज्य पीसीएस (महाराष्ट्र की योजनाएँ एवं स्वच्छ ऊर्जा) के लिए प्रासंगिक।
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