मुंबई हवाई अड्डे को जीरो वेस्ट टू लैंडफिल प्लैटिनम रेटिंग मिली
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को 99% से अधिक कचरा लैंडफिल से हटाने के लिए 12 मई 2026 को CII से जीरो वेस्ट टू लैंडफिल प्लैटिनम – क्लास I रेटिंग मिली।
मुंबई स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) को 12 मई 2026 को जीरो वेस्ट टू लैंडफिल (ZWL) प्लैटिनम – क्लास I रेटिंग प्रदान की गई। यह रेटिंग भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा दी गई।
हवाई अड्डे ने अपने 99 प्रतिशत से अधिक कचरे को लैंडफिल से दूर रखकर यह रेटिंग प्राप्त की। इसका अर्थ है कि इसका लगभग सारा कचरा फेंकने के बजाय पुनर्चक्रित, पुनः उपयोग या उपचारित किया जाता है, जिससे प्रदूषण और लैंडफिल स्थलों पर दबाव कम होता है।
यह उपलब्धि हवाई अड्डे के सतत अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण पर मजबूत ध्यान को दर्शाती है। CSMIA भारत के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है, जो हर साल 5 करोड़ से अधिक यात्रियों को संभालता है, इसलिए इतनी बड़ी मात्रा में कचरे का जिम्मेदारी से प्रबंधन एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
परीक्षार्थियों के लिए — हवाई अड्डा (छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मुंबई), रेटिंग (जीरो वेस्ट टू लैंडफिल प्लैटिनम – क्लास I), प्रदान करने वाली संस्था (CII), और मुख्य आँकड़ा (99% से अधिक कचरा लैंडफिल से हटाया गया) याद रखें।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- हवाई अड्डा: छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (CSMIA), मुंबई
- पुरस्कार: जीरो वेस्ट टू लैंडफिल (ZWL) प्लैटिनम – क्लास I रेटिंग
- प्रदाता: भारतीय उद्योग परिसंघ (CII)
- तिथि: 12 मई 2026
- उपलब्धि: 99% से अधिक कचरा लैंडफिल से हटाया गया
- CSMIA हर साल 5 करोड़ से अधिक यात्रियों को संभालता है
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC प्रीलिम्स (पर्यावरण — अपशिष्ट प्रबंधन) और SSC/बैंकिंग सामान्य ज्ञान के लिए प्रासंगिक।
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