प्रशासनिक डेटा से शासन पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन भुवनेश्वर में आयोजित
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने प्रशासनिक डेटा के सामंजस्य पर भुवनेश्वर में राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें राज्यों ने डेटा-एकीकरण विधियाँ साझा कीं।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने बेहतर शासन के लिए प्रशासनिक डेटा के सामंजस्य के विषय पर एक राष्ट्रीय विचार-विमर्श शिखर सम्मेलन आयोजित किया। यह सम्मेलन अप्रैल 2026 के अंत में ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में हुआ।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सरकारी डेटा को निर्णय लेने के लिए अधिक उपयोगी बनाना था। विभिन्न राज्यों ने अपने द्वारा एकत्र किए गए डेटा को एकीकृत और मानकीकृत करने की अपनी विधियाँ साझा कीं। अंतर-संचालनीयता (interoperability) — जहाँ विभिन्न विभागों की डेटा प्रणालियाँ आपस में काम कर सकें — चर्चा का एक प्रमुख बिंदु रहा। ओडिशा ने अपनी डेटा नीति 2.0 प्रस्तुत की, जो देश के डेटा संरक्षण कानूनों के अनुरूप है।
एक उल्लेखनीय विषय राष्ट्रीय लेखा प्रणाली 2025 के अनुरूप प्रशासनिक डेटा को एक आर्थिक संपत्ति मानना था। जब सरकारी रिकॉर्ड सुव्यवस्थित और सुरक्षित रूप से साझा किए जाते हैं, तो वे नीति-निर्माण में सुधार, पारदर्शिता बढ़ाने और डिजिटल शासन को सहारा देने में मदद कर सकते हैं।
अभ्यर्थियों के लिए मुख्य बात यह है कि यह सम्मेलन भारत के डेटा-आधारित शासन की दिशा में प्रयास का हिस्सा है, और आयोजक संस्था सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- सम्मेलन का आयोजन सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा
- स्थान: भुवनेश्वर, ओडिशा
- विषय: शासन के लिए प्रशासनिक डेटा का सामंजस्य
- राज्य डेटा की अंतर-संचालनीयता और मानकीकरण पर ध्यान
- ओडिशा ने अपनी डेटा नीति 2.0 प्रस्तुत की
- राष्ट्रीय लेखा प्रणाली 2025 के तहत डेटा को आर्थिक संपत्ति माना गया
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC प्रारंभिक (राजव्यवस्था एवं शासन — ई-गवर्नेंस), SSC CGL (सामान्य जागरूकता) और राज्य PCS परीक्षाओं के लिए प्रासंगिक।
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