नीट-यूजी पुनः परीक्षा 21 जून 2026 — पहली बार सेना लेगी रसद सहायता
किसी राष्ट्रीय प्रवेश-परीक्षा में पहली बार केंद्र सरकार 22 लाख से अधिक छात्रों की 21 जून 2026 की नीट-यूजी पुनः परीक्षा हेतु रसद-सहायता के लिए सशस्त्र बलों का उपयोग करने पर विचार कर रही है।
केंद्र सरकार स्नातक चिकित्सा प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) की 21 जून 2026 को होने वाली पुनः परीक्षा को संचालित कराने हेतु पहली बार सशस्त्र बलों की सहायता लेने पर विचार कर रही है। यह अभ्यास 22 लाख से अधिक छात्रों के लिए सुरक्षित एवं त्रुटि-रहित पुनः परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए है, जो मूल नीट-यूजी के पेपर-लीक एवं अनियमितता के आरोपों के बाद रद्द होने पर आवश्यक हुई।
28 मई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में उनके आवास पर उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, वरिष्ठ मंत्री, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) तथा शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। बैठक में प्रश्न-पत्र निर्माण एवं मुद्रण से लेकर परिवहन, सुरक्षा तथा अंतिम-छोर तक वितरण तक की पूरी श्रृंखला की समीक्षा हुई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सशस्त्र बलों की भूमिका रसद तक सीमित रहेगी — प्रश्न-पत्रों का सुरक्षित परिवहन, भारी वर्षा या तूफ़ान जैसी विपरीत मौसमी स्थितियों में भारतीय वायुसेना का समर्थन तथा आपातकालीन सहायता। गृह मंत्रालय, राज्य सरकारें, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, डाक विभाग, नागरिक उड्डयन तथा विदेश मंत्रालय भी एनटीए के साथ सहयोग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों के लिए यह प्रकरण बताता है कि नीट-यूजी का संचालन शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत एनटीए द्वारा किया जाता है, बड़े राष्ट्रीय परीक्षाओं में अंतर-मंत्रालयी समन्वय की भूमिका कितनी अहम है, तथा परीक्षा-अखंडता पर बहस के कारण लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 जैसे सुधार लाए गए हैं।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- पुनः परीक्षा तिथि: 21 जून 2026
- अभ्यर्थी संख्या: 22 लाख से अधिक
- संचालक: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए), शिक्षा मंत्रालय
- सशस्त्र बलों की भूमिका: रसद — पत्र-परिवहन, वायुसेना का मौसम-समर्थन
- 28 मई 2026 की समीक्षा बैठक — अध्यक्ष: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- कारण: पेपर-लीक आरोपों के बाद मूल परीक्षा रद्द
- संबंधित कानून: लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024
परीक्षा प्रासंगिकता
यूपीएससी प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा (राज्यव्यवस्था — एनटीए, परीक्षा-अखंडता; रक्षा — नागरिक रसद में सशस्त्र बल), एसएससी, बैंकिंग, रक्षा परीक्षाएँ एवं राज्य पीसीएस के लिए उपयोगी।
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