उत्तरी त्रिपुरा के जंगलों से नई गेको प्रजाति Cyrtodactylus jayadityai का वर्णन
भारतीय हर्पेटोलॉजिस्ट टीम ने उत्तरी त्रिपुरा के निचले जंगलों से नई बेंट-टोड गेको प्रजाति Cyrtodactylus jayadityai का वर्णन किया है, औपचारिक विवरण European Journal of Taxonomy में 14-04-2026 को प्रकाशित हुआ और 20 अप्रैल के आस-पास इसकी व्यापक रिपोर्टिंग हुई। यह उत्तर-पूर्व भारत में दर्ज 31वीं Cyrtodactylus प्रजाति है और अब तक केवल Rowa Wildlife Sanctuary के निकट 8-12 वर्ग किमी क्षेत्र से ज्ञात है।
क्या हुआ: असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के शोधकर्ताओं की टीम ने उत्तरी त्रिपुरा के निचले जंगलों से नई बेंट-टोड गेको प्रजाति Cyrtodactylus jayadityai का वर्णन किया है। औपचारिक विवरण समीक्षित जर्नल European Journal of Taxonomy में 14-04-2026 को प्रकाशित हुआ, और अगले दिनों में भारतीय विज्ञान मीडिया में इसकी व्यापक चर्चा हुई।
इसकी पहचान कैसे हुई: टीम ने इंटीग्रेटिव दृष्टिकोण अपनाया — आकृति-विज्ञान की तुलना, शरीर के मापों का सांख्यिकीय विश्लेषण, और माइटोकॉन्ड्रियल ND2 जीन का अनुक्रमण। नई गेको अपनी सबसे निकट संबंधी Cyrtodactylus tripuraensis से 4.7 से 5.2 प्रतिशत अनुवांशिक विचलन दिखाती है, जो इस वंश में आम तौर पर प्रजाति-स्तर के अंतर के लिए स्वीकृत सीमा से ऊपर है।
यह कहाँ रहती है: यह प्रजाति अब तक केवल असम-त्रिपुरा सीमा पर Rowa Wildlife Sanctuary और इससे लगे आरक्षित वनों के 8 से 12 वर्ग किलोमीटर के छोटे जंगली टुकड़े से ज्ञात है। ऐसी सूक्ष्म-स्थानिक (माइक्रो-एंडेमिक) प्रजातियाँ भू-उपयोग बदलाव के प्रति बहुत संवेदनशील होती हैं। लेखकों ने अधिक जनसंख्या-सर्वेक्षण होने तक इसे IUCN Red List पर Data Deficient (DD) के रूप में सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव दिया है।
यह क्यों मायने रखता है: इस जुड़ाव से अब उत्तर-पूर्व भारत में Cyrtodactylus की 31 ज्ञात प्रजातियाँ हो गई हैं, जो इस क्षेत्र की Indo-Burma जैव-विविधता हॉटस्पॉट के रूप में स्थिति को मज़बूत करता है — दुनिया के 36 ऐसे हॉटस्पॉट में से एक। इनमें से अधिकांश प्रजातियाँ पिछले 15 साल में ही वर्णित की गई हैं, जो दिखाता है कि उत्तर-पूर्व भारत के सरीसृपों का दस्तावेज़ीकरण कितना अधूरा रहा है।
भारत के लिए: यह खोज याद दिलाती है कि भारत की जैव-विविधता आधार-रेखा अभी भी भरी जा रही है। यह छोटे, खंडित वन टुकड़ों — जैसे Rowa — की रक्षा का तर्क भी मज़बूत करती है, जिन्हें अक्सर हाथी और बाघ जैसे बड़े स्तनधारियों पर केंद्रित कॉरिडोर-योजना से बाहर रखा जाता है।
परीक्षा दृष्टिकोण: प्रजाति का नाम (Cyrtodactylus jayadityai), राज्य (त्रिपुरा), खोज से जुड़ा संरक्षित क्षेत्र (Rowa Wildlife Sanctuary), उत्तर-पूर्व में Cyrtodactylus प्रजातियों की संख्या (31), और Indo-Burma को दुनिया के 36 जैव-विविधता हॉटस्पॉट में से एक के रूप में याद रखें।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- नई प्रजाति: Cyrtodactylus jayadityai, बेंट-टोड गेको, उत्तरी त्रिपुरा से।
- विवरण European Journal of Taxonomy में 14-04-2026 को प्रकाशित।
- उत्तर-पूर्व भारत में दर्ज 31वीं Cyrtodactylus प्रजाति।
- ज्ञात क्षेत्र मात्र 8-12 वर्ग किमी, Rowa Wildlife Sanctuary के पास, असम-त्रिपुरा सीमा पर।
- सबसे निकट संबंधी से ND2 माइटोकॉन्ड्रियल जीन में 4.7-5.2 प्रतिशत अनुवांशिक विचलन।
- भारतीय हर्पेटोलॉजिस्ट डॉ. Jayaditya Purkayastha के नाम पर रखा गया।
परीक्षा प्रासंगिकता
सीधा प्रीलिम्स तथ्य: नई प्रजाति का नाम, खोज स्थान, संबंधित अभयारण्य। Indo-Burma जैव-विविधता हॉटस्पॉट से जुड़ता है।
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