मार्च 2026 में गैर-खाद्य बैंक ऋण में 15.9% वार्षिक वृद्धि: RBI
RBI आँकड़ों के अनुसार मार्च 2026 के अंत तक गैर-खाद्य बैंक ऋण में 15.9% वार्षिक वृद्धि हुई।
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक ऋण के क्षेत्रवार वितरण पर जारी आँकड़े दर्शाते हैं कि 31 मार्च 2026 को समाप्त पखवाड़े तक गैर-खाद्य बैंक ऋण में वर्ष-दर-वर्ष 15.9% वृद्धि हुई। यह आँकड़ा 41 चुनिंदा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों से लिया जाता है, जो कुल गैर-खाद्य ऋण का लगभग 95% हैं।
क्षेत्रवार वितरण आँकड़े दर्शाते हैं कि कृषि, उद्योग, सेवा और व्यक्तिगत ऋण में कितना ऋण जाता है। यह आर्थिक गतिविधि का अहम संकेतक है क्योंकि बढ़ता ऋण आमतौर पर अधिक निवेश और उपभोग का संकेत देता है।
'गैर-खाद्य ऋण' में FCI को अनाज खरीद हेतु दिए ऋण शामिल नहीं होते, अतः यह शेष अर्थव्यवस्था को ऋण दर्शाता है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- गैर-खाद्य बैंक ऋण में 15.9% वार्षिक वृद्धि (31 मार्च 2026)
- 41 SCBs से आँकड़े (गैर-खाद्य ऋण का ~95%)
- क्षेत्र: कृषि, उद्योग, सेवा, व्यक्तिगत ऋण
- गैर-खाद्य ऋण में FCI अनाज ऋण शामिल नहीं
- निवेश व उपभोग का अहम संकेतक
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC प्रारंभिक (अर्थव्यवस्था — बैंकिंग, ऋण) और बैंकिंग परीक्षा के लिए प्रासंगिक।
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