PM मोदी ने Viksit Bharat 2047 के तहत शासन सुधारों में तेज़ी लाने का शीर्ष नौकरशाही को निर्देश दिया
PM मोदी ने 30 जून 2026 को सचिव-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए नौकरशाही को Viksit Bharat 2047 के तहत शासन सुधारों में तेज़ी लाने का निर्देश दिया। मुख्य क्षेत्रों में Ease of Doing Business और Ease of Living शामिल थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 30 जून 2026 को केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों की एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने देश की शीर्ष नौकरशाही को शासन सुधारों में तेज़ी लाने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और Viksit Bharat 2047 के दृष्टिकोण के तहत सरकार के दीर्घकालिक विकास एजेंडे को गति देने का निर्देश दिया।
यह बैठक चालू वित्त वर्ष में प्रधानमंत्री की पहली पूर्ण सचिव-स्तरीय बैठकों में से एक थी। इसमें कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव और प्रमुख मंत्रालयों के अन्य वरिष्ठ सचिव शामिल हुए। इस समीक्षा का उद्देश्य केंद्रीय प्रशासनिक तंत्र को 2026 की दूसरी छमाही की नीतिगत प्राथमिकताओं के अनुरूप ढालना और उन क्षेत्रों की पहचान करना था जिनमें तेज़ अमल की ज़रूरत है।
चर्चा का एक बड़ा केंद्र प्रशासनिक अड़चनें हटाकर, प्रक्रियागत देरी घटाकर और सभी क्षेत्रों में नियामक अनुपालन को सरल बनाकर Ease of Doing Business को बेहतर बनाना था। अधिकारियों ने भारत के निवेश माहौल को मज़बूत करने के उपायों की भी समीक्षा की और अधिक नागरिक-केंद्रित सेवाओं के ज़रिए Ease of Living सुधारने की पहलों पर विचार किया।
Viksit Bharat 2047 सरकार का घोषित लक्ष्य है कि भारत को 2047 तक — स्वतंत्रता के 100वें वर्ष तक — एक विकसित राष्ट्र बनाया जाए। इसे हासिल करना काफ़ी हद तक एक कुशल नौकरशाही पर निर्भर करता है जो नीतियों को तेज़ी और भरोसेमंद ढंग से लागू कर सके, यही कारण है कि इस तरह की सचिव-स्तरीय समीक्षाएँ की जाती हैं।
अभ्यर्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण शासन और राजव्यवस्था विषय है। यह सिविल सेवाओं की भूमिका, कैबिनेट सचिवालय, Ease of Doing Business और Ease of Living, तथा प्रशासनिक सुधार के व्यापक विषय को छूता है, जो सभी प्रीलिम्स और मेन्स में अक्सर पूछे जाते हैं।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- PM मोदी ने 30 जून 2026 को केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों की बैठक की अध्यक्षता की
- Viksit Bharat 2047 दृष्टिकोण के तहत तेज़ शासन सुधारों का निर्देश दिया
- कैबिनेट सचिव और PM के प्रधान सचिव उपस्थित रहे
- Ease of Doing Business पर ज़ोर: कम अड़चनें, सरल अनुपालन
- नागरिक-केंद्रित सेवाओं के ज़रिए Ease of Living की भी समीक्षा
- Viksit Bharat 2047 का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC और State PCS की राजव्यवस्था एवं शासन के लिए प्रासंगिक, जिसमें सिविल सेवाएँ, प्रशासनिक सुधार, Ease of Doing Business, Ease of Living और Viksit Bharat 2047 दृष्टिकोण शामिल हैं।
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