Economy 04 Jul 2026

आरबीआई ने 4 जुलाई 2026 को मनी मार्केट ऑपरेशन्स के माध्यम से बड़ी पैमाने पर तरलता अवशोषण किया

आरबीआई ने 4 जुलाई 2026 को LAF, SDF और MSF ऑपरेशन्स के माध्यम से ₹1.79 लाख करोड़ की तरलता को अवशोषित किया, जो मुद्रास्फीति दबावों को नियंत्रित करने के लिए सख्त मौद्रिक नीति की ओर बदलाव का संकेत देता है।

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4 जुलाई 2026 को, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्तीय प्रणाली से अतिरिक्त तरलता को अवशोषित करने के लिए महत्वपूर्ण मनी मार्केट ऑपरेशन्स किए। केंद्रीय बैंक ने अपने लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी (LAF), मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF), और स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) के माध्यम से ₹1,79,583 करोड़ की शुद्ध नकारात्मक तरलता इंजेक्ट की। प्राथमिक उपकरण 1-दिवसीय रेपो नीलामी थी, जहां ₹8,000 करोड़ को 5.50% की कट-ऑफ दर पर अवशोषित किया गया। इसके अतिरिक्त, ₹1,74,396 करोड़ को SDF के तहत एक-दिवसीय परिपक्वता के लिए 5.00% पर पार्क किया गया, जबकि ₹5,210 करोड़ को SDF के तहत दो-दिवसीय टेनर के लिए अवशोषित किया गया।

मनी मार्केट के ओवरनाइट सेगमेंट में ₹13,837.39 करोड़ की उच्च मात्रा दर्ज की गई, जिसकी वेटेड औसत दर 4.88% थी। कॉल मनी सेगमेंट ₹744.55 करोड़ का था, जबकि ट्राइपार्टी रेपो लेनदेन ₹11,764.90 करोड़ पर था। RBI ने MSF ऑपरेशन्स के लिए 5.50% की दर भी बनाए रखी, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि बैंकों को तनाव की अवधि के दौरान प्रीमियम पर धन तक पहुंच मिल सके। समग्र तरलता की स्थिति तंग रही, जैसा कि 15 जून 2026 तक ₹4,82,130 करोड़ की शुद्ध स्थायी तरलता अधिशेष से पता चलता है, जिसे अब काफी हद तक कम कर दिया गया था।

बड़ी पैमाने पर अवशोषण RBI की प्रणाली में अतिरिक्त तरलता के कारण मुद्रास्फीति दबावों को बढ़ने से रोकने की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है। अधिशेष धन को कम करके, केंद्रीय बैंक का लक्ष्य अल्पकालिक ब्याज दरों में स्थिरता बनाए रखना और वित्तीय बाजारों में सट्टेबाजी गतिविधि को रोकना है। यह कदम आगामी राजकोषीय और मुद्रास्फीति डेटा की प्रत्याशा में, अनुकूल से सतर्क मौद्रिक नीति की ओर बदलाव का संकेत देता है।

भारत का बैंकिंग क्षेत्र अच्छी तरह से स्थित है, जिसमें अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के पास RBI के साथ ₹8,07,768.39 करोड़ नकदी रिजर्व हैं, जो 4 जुलाई 2026 तक हैं। यह 15 जुलाई 2026 को समाप्त होने वाले पखवाड़े के लिए औसत दैनिक नकदी रिजर्व आवश्यकता ₹7,98,115 करोड़ से अधिक है, जो प्रणाली में मजबूत अनुपालन और स्वस्थ तरलता बफर को दर्शाता है।

यह डेटा मौद्रिक नीति प्रसारण और तरलता प्रबंधन के लिए RBI के उपकरणों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। उम्मीदवारों को यह ट्रैक करना चाहिए कि LAF ऑपरेशन्स, SDF, और MSF दरें अर्थव्यवस्था में अंतरबैंक दरों और समग्र ऋण स्थितियों को कैसे प्रभावित करती हैं।

याद रखने योग्य मुख्य बिंदु

['आरबीआई ने 4 जुलाई 2026 को LAF, SDF और MSF के माध्यम से ₹1,79,583 करोड़ की शुद्ध तरलता अवशोषित की।', '1-दिवसीय रेपो नीलामी में ₹8,000 करोड़ 5.50% पर अवशोषित किए गए।', 'SDF में ₹1,74,396 करोड़ एक-दिवसीय टेनर के लिए 5.00% पर पार्क किए गए।', 'ओवरनाइट मनी मार्केट की मात्रा ₹13,837.39 करोड़ थी जिसकी वेटेड औसत दर 4.88% थी।', 'आरबीआई के साथ अनुसूचित बैंकों के नकदी रिजर्व ₹8,07,768.39 करोड़ थे जो 4 जुलाई 2026 तक हैं।', '15 जून 2026 तक शुद्ध स्थायी तरलता अधिशेष ₹4,82,130 करोड़ था।']

परीक्षा प्रासंगिकता

यह समाचार UPSC, SSC CGL, बैंकिंग परीक्षाओं और राज्य PSC परीक्षाओं के लिए मौद्रिक नीति और RBI के तरलता प्रबंधन उपकरणों के विषय के अंतर्गत प्रासंगिक है।

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