Economy 28 May 2026

आरबीआई की ट्रेज़री बिल नीलामी और सरकारी प्रतिभूति अंडरराइटिंग नीलामी की घोषणा

भारतीय रिज़र्व बैंक ने इस सप्ताह की ट्रेज़री बिल नीलामी के परिणाम जारी किए — कट-ऑफ़ यील्ड्स 91-दिवसीय 5.56%, 182-दिवसीय 5.73% और 364-दिवसीय 6.03% — और 29 मई 2026 को 28,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूति अंडरराइटिंग नीलामी की घोषणा की।

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28 मई 2026 को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने साप्ताहिक ट्रेज़री बिल नीलामी के परिणाम जारी किए तथा 29 मई 2026 को होने वाली 28,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूति (जी-सेक) पुनर्निर्गमन हेतु अंडरराइटिंग नीलामी की घोषणा भी की। ये साप्ताहिक संचालन केंद्र सरकार के अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक उधार कार्यक्रम का नियमित हिस्सा हैं, जिन्हें आरबीआई — केंद्र सरकार के ऋण प्रबंधक के रूप में — संचालित करता है।

इस सप्ताह की टी-बिल नीलामी में भारत सरकार ने 91-दिवसीय के लिए 12,000 करोड़, 182-दिवसीय के लिए 6,000 करोड़ तथा 364-दिवसीय के लिए 6,000 करोड़ की पूरी अधिसूचित राशि स्वीकार की। कट-ऑफ़ यील्ड्स 91-दिवसीय 5.5611%, 182-दिवसीय 5.7349% तथा 364-दिवसीय 6.0273% रहीं। 91-दिवसीय नीलामी को 20,104 करोड़ रुपये तथा 182-दिवसीय को 19,900 करोड़ रुपये की प्रतिस्पर्धात्मक बोलियाँ मिलीं — दोनों अधिसूचित राशि से कई गुना अधिक।

29 मई 2026 की जी-सेक नीलामी में आरबीआई ने दो पुनर्निर्गमन अधिसूचित किए हैं — “6.68% जीएस 2040” के लिए 17,000 करोड़ रुपये तथा “7.43% जीएस 2076” के लिए 11,000 करोड़ रुपये। प्राथमिक डीलर (पीडी) न्यूनतम अंडरराइटिंग प्रतिबद्धता (एमयूसी) तथा अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी अंडरराइटिंग (एसीयू) नीलामी में आरबीआई के ई-कुबेर कोर बैंकिंग सॉल्यूशन के माध्यम से भाग लेंगे। इसी सप्ताह के मनी मार्केट आँकड़े ओवरनाइट कॉल मनी सेगमेंट का भारित औसत 5.35% दर्शाते हैं, जो रेपो दर के गलियारे के अनुरूप है।

अभ्यर्थियों के लिए ये संचालन आरबीआई की भूमिका (आरबीआई अधिनियम 1934, सरकारी प्रतिभूति अधिनियम 2006), टी-बिल और दिनांकित जी-सेक के बीच अंतर, तथा यील्ड-टू-मैच्योरिटी (वाईटीएम), अंडरराइटिंग प्रतिबद्धता एवं प्राथमिक डीलर प्रणाली जैसी अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं।

याद रखने योग्य मुख्य बिंदु

  • आरबीआई — भारत सरकार के ऋण प्रबंधक
  • टी-बिल कट-ऑफ़ यील्ड्स: 91-दिवसीय 5.5611%; 182-दिवसीय 5.7349%; 364-दिवसीय 6.0273%
  • टी-बिल राशि स्वीकृत: 12,000 करोड़ (91-दिवसीय), 6,000-6,000 करोड़ (182- और 364-दिवसीय)
  • 29 मई 2026 जी-सेक नीलामी: 6.68% जीएस 2040 (17,000 करोड़) और 7.43% जीएस 2076 (11,000 करोड़)
  • पीडी प्रणाली: एमयूसी + एसीयू; ई-कुबेर सीबीएस के माध्यम से
  • ओवरनाइट कॉल मनी भारित औसत: 5.35%
  • संबंधित कानून: आरबीआई अधिनियम 1934, सरकारी प्रतिभूति अधिनियम 2006

परीक्षा प्रासंगिकता

यूपीएससी (अर्थव्यवस्था — मनी मार्केट, ऋण प्रबंधन, मौद्रिक नीति), बैंकिंग परीक्षाएँ (आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी), एसएससी एवं राज्य पीसीएस के लिए उपयोगी।

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