केंद्र ने राज्यों के खनन सुधारों के लिए 5,000 करोड़ रुपये की SASCI प्रोत्साहन योजना जारी की
खान मंत्रालय ने 24-04-2026 को राज्यों को पूँजीगत निवेश सहायता योजना (SASCI) के तहत FY 2026-27 के लिए 5,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना जारी की। योजना उन राज्यों को पुरस्कृत करेगी जो दिसंबर 2026 तक पाँच आधारभूत सुधार पूरे करते हैं, पूर्व-स्वीकृति वाले प्रमुख खनिज ब्लॉकों की नीलामी करते हैं और मौजूदा ब्लॉकों को परिचालन में लाते हैं।
खान मंत्रालय ने 24 अप्रैल 2026 को राज्यों को पूँजीगत निवेश सहायता योजना (SASCI) के तहत 5,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना जारी की। यह योजना उन राज्यों को पुरस्कृत करेगी जो खनिज ब्लॉक नीलामी तेज़ करते हैं, खदानें परिचालन में लाते हैं और खनन क्षेत्र की शासन-व्यवस्था सुधारते हैं।
योजना तीन सुधार क्षेत्रों में बँटी है। पहला: यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल से एकीकरण, पूर्व-नीलामी समिति एवं राज्य-स्तरीय समन्वय समिति का गठन, प्रमुख खनिजों के लिए वार्षिक नीलामी कैलेंडर अपनाना, और ग्रेड ग़लत-वर्गीकरण रोकने हेतु तकनीकी उपाय — ये पाँच सुधार 15 दिसंबर 2026 तक पूरा करने वाले राज्यों को 100 करोड़ रुपये मिलेंगे।
दूसरा: पूर्व-स्वीकृति वाले हर सफल प्रमुख खनिज ब्लॉक नीलामी पर 20 करोड़ रुपये, अधिकतम 200 करोड़ रुपये प्रति राज्य; तथा 31 मार्च 2026 तक नीलाम हो चुके ब्लॉकों में से कम-से-कम 10% का FY 2026-27 में परिचालन शुरू करने पर अतिरिक्त 250 करोड़ रुपये। तीसरा: नए राज्य खनन तत्परता सूचकांक (SMRI) 2026-27 की तीन श्रेणियों (A, B, C) में शीर्ष तीन राज्यों को क्रमशः 100, 75 और 50 करोड़ रुपये।
परीक्षा दृष्टिकोण: SASCI केंद्र द्वारा राज्यों को दिया जाने वाला 50-वर्षीय ब्याज-मुक्त पूँजीगत ऋण है। खनन राज्य सूची का विषय है, परंतु खनिज विनियमन केंद्र के पास MMDR अधिनियम, 1957 के अंतर्गत है। MMDR (संशोधन) अधिनियम, 2023 ने लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की निजी नीलामी की अनुमति दी।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- योजना: SASCI खनन प्रोत्साहन, FY 2026-27, कुल 5,000 करोड़ रुपये।
- सुधार क्षेत्र 1: 15-12-2026 तक पाँच आधारभूत सुधारों के लिए 100 करोड़ रुपये।
- सुधार क्षेत्र 2: हर नीलाम ब्लॉक पर 20 करोड़ रुपये (अधिकतम 200 करोड़); ब्लॉक परिचालन के लिए 250 करोड़ रुपये।
- सुधार क्षेत्र 3: SMRI श्रेणी A/B/C के शीर्ष तीन राज्यों को 100/75/50 करोड़ रुपये।
- कार्यान्वयन: खान मंत्रालय।
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC GS-III, राज्य PCS, SSC GK, बैंकिंग GA के लिए योजनाएँ एवं अर्थव्यवस्था। संभावित MCQ: योजना का पूरा नाम (SASCI), परिव्यय (5,000 करोड़ रुपये), नोडल मंत्रालय (खान), खनिज शासन का अधिनियम (MMDR अधिनियम, 1957)।
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