सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग पर 28% जीएसटी की पूर्वव्यापी वसूली को सही ठहराया
सुप्रीम कोर्ट की दो-सदस्यीय पीठ ने ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग पर 28 प्रतिशत जीएसटी को, अक्टूबर 2023 से पहले की अवधि के लिए भी, संवैधानिक रूप से मान्य ठहराया। इससे करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की पुरानी कर मांगें फिर सक्रिय हो गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 को ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग कंपनियों पर 28 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की पूर्वव्यापी वसूली को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया। न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने गेमिंग फर्मों एवं उद्योग संगठनों द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि 2023 के जीएसटी संशोधन स्पष्टीकरण-स्वरूप थे, इसलिए अक्टूबर 2023 से पहले की अवधि पर भी लागू किए जा सकते हैं।
विवाद की जड़ जीएसटी परिषद का वह निर्णय था जिसमें ऑनलाइन मनी गेमिंग, कैसीनो और हॉर्स रेसिंग को 28 प्रतिशत के सर्वोच्च स्लैब के दायरे में लाया गया तथा कर लगाने का आधार पूरे दांव-मूल्य को बनाया गया, न कि केवल मंच के कमीशन को। इसके बाद डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) ने लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की कर मांग के नोटिस जारी किए, जिनमें अक्टूबर 2023 से पहले की अवधि भी शामिल थी। कंपनियों का तर्क था कि नई दर केवल संशोधन की तिथि से लागू होनी चाहिए।
अदालत ने इस परिवर्तन को नया कर लगाने के बजाय स्पष्टीकरण मान कर पूरी कर मांग को बहाल कर दिया। यह निर्णय ड्रीम-11 और गेम्स-24x7 जैसी मंचों तथा फैंटसी स्पोर्ट्स और कैसीनो कंपनियों पर वसूली कार्यवाही फिर शुरू कर सकता है। केंद्र सरकार के 2025 के रियल-मनी ऑनलाइन गेमिंग प्रतिबंध के साथ मिलकर यह फैसला इस क्षेत्र को और सीमित कर देगा।
अभ्यर्थियों के लिए यह मामला जीएसटी परिषद, पूर्वव्यापी कराधान के सिद्धांत, अनुच्छेद 32 के तहत रिट याचिकाओं की भूमिका तथा स्पष्टीकरण-स्वरूप संशोधन के सिद्धांत के अनुप्रयोग का अच्छा उदाहरण है। यह 2012 के वोडाफोन मामले एवं उसके बाद के वित्त अधिनियम, 2012 की बहस को भी पुनर्जीवित करता है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- निर्णय की तिथि: 27 मई 2026
- पीठ: न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति आर. महादेवन
- ऑनलाइन मनी गेमिंग, कैसीनो, हॉर्स रेसिंग पर 28% जीएसटी सही ठहराया गया (पूरे दांव-मूल्य पर)
- निर्णय: 2023 संशोधन स्पष्टीकरण-स्वरूप → पूर्वव्यापी अनुप्रयोग वैध
- पुनर्जीवित अनुमानित कर मांग: लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये
- प्रभावित क्षेत्र: रियल-मनी गेमिंग, फैंटसी स्पोर्ट्स, ऑनलाइन कैसीनो
- संबंधित पुराना निर्णय: 2012 का वोडाफोन प्रकरण
परीक्षा प्रासंगिकता
यूपीएससी प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा (राज्यव्यवस्था — कराधान का न्यायिक पुनरावलोकन; अर्थव्यवस्था — जीएसटी परिषद, अप्रत्यक्ष कर), एसएससी और बैंकिंग सामान्य जागरूकता तथा राज्य पीसीएस के अर्थव्यवस्था प्रश्नपत्रों के लिए उपयोगी।
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