संयुक्त राष्ट्र ने इज़रायल और रूस को संघर्ष-जनित यौन हिंसा से जुड़ी पक्षों की वार्षिक काली सूची में जोड़ा
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की वार्षिक संघर्ष-जनित यौन हिंसा रिपोर्ट में इज़रायल और रूस को संदिग्ध पक्षों की काली सूची में जोड़ा गया। इज़रायल ने इस सूचीकरण को अस्वीकार किया और UN महासचिव से सभी संबंध तोड़ने की बात कही।
संयुक्त राष्ट्र ने 29 मई 2026 को इज़रायल और रूस को संघर्ष-जनित यौन हिंसा के पैटर्नों के लिए विश्वसनीय रूप से संदिग्ध पक्षों की अपनी वार्षिक काली सूची में जोड़ दिया। यह सूची संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की सुरक्षा परिषद को सौंपी जाने वाली वार्षिक रिपोर्ट का हिस्सा है तथा पिछले साल दोनों देशों को दी गई 'चेतावनी' (on notice) के बाद आई है।
रिपोर्ट में इज़रायली एवं रूसी सशस्त्र एवं सुरक्षा बलों पर संबंधित संघर्ष-क्षेत्रों में लगाए गए कथित दुरुपयोगों का प्रलेखित विवरण है। हमास, जिसके 7 अक्टूबर 2023 के दक्षिणी इज़रायल पर हमले ने ग़ाज़ा युद्ध छेड़ा, पहले से ही सूची में था। इज़रायल के UN राजदूत डैनी डेनॉन ने हमास के साथ रखे जाने को 'नई गिरावट' बताते हुए इसे 'तथ्यों से कटा हुआ राजनीतिक निर्णय' कहा। इज़रायली विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इस सूचीकरण के कारण UN महासचिव से सभी संबंध तोड़ देगा।
केवल इस सूची में शामिल होने से प्रतिबंध या अन्य दंडात्मक UN कार्रवाई स्वतः शुरू नहीं होती। फिर भी इसका प्रतिष्ठा पर असर पड़ता है और यह UN सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों, विशेष प्रक्रियाओं तथा देश-विशिष्ट निगरानी मिशनों के लिए साक्ष्य-आधार बनता है। यह सूची हर वर्ष देश रिपोर्टों, फील्ड जाँचों एवं मानवीय एजेंसियों के साक्ष्यों के आधार पर अद्यतन होती है।
भारत सूची में नहीं है। नई दिल्ली ने संघर्ष-जनित यौन हिंसा पर UN के व्यापक ढाँचे का समर्थन किया है और शांति-स्थापना में दीर्घकालिक योगदानकर्ता है। यह वार्षिक रिपोर्ट UN सुरक्षा परिषद में 'महिला, शांति एवं सुरक्षा' एजेंडे — 2000 के प्रस्ताव 1325 से स्थापित — के तहत चर्चित होती है, जिसका भारत ने अपने सुरक्षा परिषद कार्यकालों में लगातार समर्थन किया है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक संघर्ष-जनित यौन हिंसा काली सूची में इज़रायल एवं रूस जोड़े गए
- सूची UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की सुरक्षा परिषद रिपोर्ट का हिस्सा
- हमास पहले से सूची में; इज़रायल ने हमास के साथ रखे जाने को 'नई गिरावट' कहा
- इज़रायली विदेश मंत्रालय UN महासचिव से संबंध तोड़ेगा
- केवल सूचीकरण से प्रतिबंध स्वतः नहीं लगते, परंतु प्रतिष्ठा पर असर
- आधार: UN सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 1325 (2000), महिला-शांति-सुरक्षा
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC मुख्य (GS-II अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ, UN), प्रारंभिक (UNSC प्रस्ताव, UN निकाय), SSC सामान्य जागरूकता के लिए प्रासंगिक।
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