Social Issues 28 May 2026

यूएन वर्ल्ड सिटीज़ रिपोर्ट 2026: वैश्विक आवास संकट; भारत में किफ़ायत-अंतर तीव्र

यूएन-हैबिटैट की वर्ल्ड सिटीज़ रिपोर्ट 2026 — “वैश्विक आवास संकट: कार्य-मार्ग” — के अनुसार 3.4 अरब लोगों के पास पर्याप्त आवास नहीं है। आवास का “वित्तीयकरण”, सट्टात्मक निवेश एवं कमज़ोर किराया-बाज़ार मुख्य कारण बताए गए हैं।

upsc ssc banking state_pcs

संयुक्त राष्ट्र मानव बस्ती कार्यक्रम (यूएन-हैबिटैट) ने अज़रबैजान के बाकू में आयोजित 13वें विश्व शहरी मंच में अपनी वर्ल्ड सिटीज़ रिपोर्ट 2026 — “वैश्विक आवास संकट: कार्य-मार्ग” — जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार लगभग 3.4 अरब लोग — विश्व के हर 10 में से 4 — पर्याप्त आवास से वंचित हैं। इनमें से 1 अरब से अधिक झुग्गी-झोपड़ी जैसी अनौपचारिक बस्तियों में रहते हैं, जो अब तक का सर्वाधिक आँकड़ा है।

यदि किसी परिवार की कुल आय का 30 प्रतिशत से अधिक आवास पर ख़र्च होता है तो उसे “आवास-तनावग्रस्त” माना जाता है। वैश्विक स्तर पर 44 प्रतिशत परिवार केवल किराये पर ही इस सीमा से अधिक ख़र्च कर रहे हैं। ख़रीदारों के लिए हाउस-प्राइस-टू-इनकम अनुपात का उपयोग किया जाता है — आवास तब “किफ़ायती” माना जाता है जब औसत मकान-क़ीमत औसत घरेलू आय के तीन गुना से अधिक न हो; पाँच से ऊपर का अनुपात गंभीर अनकिफ़ायत दर्शाता है। भारत समेत मध्य एवं दक्षिण एशिया में पिछले वर्षों में यह अनुपात तेज़ी से बढ़ा है।

रिपोर्ट आवास के “वित्तीयकरण” को — जहाँ मकान निवेश-संपत्ति के रूप में देखे जाते हैं, न कि रहने के स्थान के रूप में — अनकिफ़ायत का प्रमुख कारण बताती है। यह सामाजिक एवं किराये के आवास में मज़बूत सार्वजनिक निवेश, सट्टात्मक रियल-एस्टेट गतिविधियों के विनियमन, भू-उपयोग एवं परिवहन को जोड़कर योजना बनाने तथा आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदा (आईसीईएससीआर) के तहत आवास को मानव अधिकार के रूप में मान्यता देने की वकालत करती है।

अभ्यर्थियों के लिए यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण), अफ़ोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्सेज़ (एआरएचसी), स्मार्ट सिटीज़ मिशन, अमृत मिशन तथा सतत विकास लक्ष्य-11 (सतत शहर एवं समुदाय) से जुड़ती है।

याद रखने योग्य मुख्य बिंदु

  • संस्था: यूएन-हैबिटैट (संयुक्त राष्ट्र मानव बस्ती कार्यक्रम)
  • प्रकाशन: वर्ल्ड सिटीज़ रिपोर्ट 2026 — “वैश्विक आवास संकट: कार्य-मार्ग”
  • विमोचन-स्थल: 13वाँ विश्व शहरी मंच, बाकू, अज़रबैजान
  • ~3.4 अरब लोग पर्याप्त आवास से वंचित; 1 अरब+ अनौपचारिक बस्तियों में
  • विश्वस्तर पर 44% परिवार 30% से अधिक किराया देते हैं
  • किफ़ायती हाउस-प्राइस-टू-इनकम अनुपात: ≤3; >5 = गंभीर अनकिफ़ायत
  • प्रमुख कारक: आवास का वित्तीयकरण
  • संबंधित भारतीय योजनाएँ: पीएमएवाई (शहरी एवं ग्रामीण), एआरएचसी, स्मार्ट सिटीज़, अमृत; एसडीजी-11

परीक्षा प्रासंगिकता

यूपीएससी (सामाजिक मुद्दे — शहरीकरण, आवास; सरकारी योजनाएँ — पीएमएवाई, अमृत; अंतरराष्ट्रीय संबंध — यूएन-हैबिटैट, एसडीजी), एसएससी, बैंकिंग एवं राज्य पीसीएस के लिए उपयोगी।

UPSC SSC BANKING STATE_PCS
un-habitat world-cities-report-2026 housing urbanisation pmay amrut sdg-11 smart-cities-mission

संबंधित लेख

Social Issues 07 Jul 2026

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय जनजातीय अनुसंधान संस्थानों पर राष्ट्रीय कार्यशाला …

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 7 जुलाई, 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के …

Social Issues 28 Jun 2026

Uttar Pradesh ने मातृ रक्ताल्पता से लड़ने के लिए iron injection थेरेपी …

Uttar Pradesh रक्ताल्पता (anaemia) से लड़ने के लिए गर्भवती महिलाओं हेतु intravenous iron थेरेपी (FCM) …

Social Issues 24 Jun 2026

लखनऊ कोचिंग-सेंटर आग में 15 की मौत, बार-बार सामने आती शहरी अग्नि-सुरक्षा …

लखनऊ की एक अनधिकृत तीन-मंज़िला इमारत में लगी आग में कम से कम 15 लोग …

Social Issues 24 Jun 2026

भारत की कुल प्रजनन दर घटकर 1.9 हुई, प्रतिस्थापन स्तर से नीचे …

Sample Registration System के आँकड़े दर्शाते हैं कि भारत की कुल प्रजनन दर घटकर 1.9 …

Social Issues 23 Jun 2026

NTA ने CUET-UG 2026 के परिणाम घोषित किए; 11.6 लाख से अधिक …

NTA ने 23 जून 2026 को CUET-UG 2026 के परिणाम घोषित किए। पंजीकृत 15.68 लाख …