पश्चिम एशिया संघर्ष: ईरान-इज़राइल के बीच फिर सैन्य हमले, Strait of Hormuz के पास US Apache हेलीकॉप्टर मार गिराया, संघर्ष विराम की खबर से कच्चे तेल की कीमतें नरम पड़ीं
ईरान और इज़राइल ने 8–9 जून 2026 को सैन्य हमलों का आदान-प्रदान किया, जिससे 8 अप्रैल 2026 का नाज़ुक युद्धविराम टूट गया। 9 जून 2026 को Strait of Hormuz के पास एक US Army Apache हेलीकॉप्टर मार गिराया गया, हालांकि चालक दल सुरक्षित बचा लिया गया। तनाव बढ़ने पर 4% उछली वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें दोनों पक्षों द्वारा हमले रोकने के संकेत के बाद नरम पड़ गईं।
8 अप्रैल 2026 को ईरान और इज़राइल के बीच हुए नाज़ुक युद्धविराम के 100 दिन बाद, जून 2026 की शुरुआत में दोनों देशों के बीच एक बार फिर सीधे सैन्य हमले हुए। ईरान ने 8 जून 2026, रविवार को उत्तरी इज़राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं — यह कदम लेबनान के दक्षिणी बेरूत पर इज़राइली हवाई हमलों की प्रतिक्रिया में उठाया गया। इज़राइल ने भी ईरान के भीतर ठिकानों पर हमले किए। इस नए सैन्य टकराव ने अप्रैल युद्धविराम के बाद दोनों देशों के बीच पहली बार सीधी सैन्य मुठभेड़ को फिर से जन्म दिया और क्षेत्र में व्यापक युद्ध की आशंकाएं बढ़ा दीं।
9 जून 2026 को एक बड़ी नई घटना ने तनाव और गहरा कर दिया। Strait of Hormuz के ऊपर गश्त पर तैनात United States Army का एक Apache अटैक हेलीकॉप्टर मार गिराया गया। दोनों चालक दल के सदस्यों को ओमान के तट के पास के पानी से US Navy के एक सतही ड्रोन द्वारा लगभग दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिया गया। US राष्ट्रपति Donald Trump ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिका को जवाब देना "ज़रूरी" है। यह पश्चिम एशिया संघर्ष में अमेरिका का खोया दूसरा चालक दल वाला विमान था — पहला एक F-15 लड़ाकू विमान था जो अप्रैल 2026 में खो गया था। उसी दिन ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सभी विदेशी सैन्य बलों से Strait of Hormuz और उसके आसपास के जलक्षेत्र को छोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र नहीं, बल्कि ईरान और ओमान के बीच साझा है, और ईरानी क्षेत्र के पास विदेशी सेनाओं पर सतत जोखिम बना रहता है।
तनाव बढ़ने के बावजूद, ईरान और इज़राइल दोनों ने अलग-अलग 9 जून 2026 की सुबह तक अपने ताज़ा दौर के हमले रोकने का संकेत दिया। ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने कहा कि उन्होंने "पीड़ादायक जवाब" दे दिया है और अभियान समाप्त कर दिया है। इज़राइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि इज़राइल "फिलहाल" गोलीबारी रोक रहा है। US राष्ट्रपति Trump ने स्थिति को शांति समझौते की "अंतिम परिणति" बताया और कहा कि "दो या तीन दिनों" में युद्धविराम समझौता हो सकता है। Pakistan ने US और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई है, और 9 जून 2026 को उसके सैन्य प्रमुख ने क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापक शांति वार्ता पर चर्चा के लिए लेबनानी सेना प्रमुख से मुलाकात की। हालांकि ईरान का परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और लेबनान में Hezbollah का भविष्य — जैसे मूल मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं।
युद्धविराम-और-तनाव के इस चक्र का वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर सीधा असर पड़ा। नए हमलों के दौरान अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें 4% तक उछलीं और संघर्ष विराम की घोषणा के बाद नरम पड़ गईं। 9 जून 2026 की सुबह Brent crude $94.00 प्रति बैरल और West Texas Intermediate (WTI) $91.01 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था — दोनों पिछले सत्र से थोड़ा नीचे। भारत के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी लगभग 90% कच्चे तेल की जरूरतें आयात से पूरी करता है, और कच्चे तेल की कीमत में $1 प्रति बैरल की टिकाऊ वृद्धि से वार्षिक आयात बिल में लगभग ₹18,000 करोड़ का बोझ बढ़ जाता है। 9 जून 2026 तक सरकारी तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोल पर ₹6 प्रति लीटर और डीज़ल पर ₹30 प्रति लीटर के under-recovery का सामना करना पड़ रहा था, जिससे दैनिक संचयी नुकसान ₹600–700 करोड़ के दायरे में था।
पश्चिम एशिया संघर्ष के कई पहलू प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से प्रासंगिक हैं। Strait of Hormuz — जिससे दुनिया के कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुज़रता है — ईरान और ओमान के बीच स्थित एक प्रमुख समुद्री गलियारा है और इसकी स्थिरता सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करती है। Hamas-Israel युद्धविराम (US-समर्थित 20-सूत्री शांति योजना का हिस्सा) से Gaza में लड़ाई रुकी थी और बंधकों व फलस्तीनी कैदियों की अदला-बदली हुई; लेकिन दीर्घकालिक समझौता अभी भी दूर है। UN Security Council और प्रमुख शक्तियों ने तनाव कम करने का आह्वान किया है, लेकिन परमाणु वार्ता, जमे हुए संसाधनों और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों को लेकर US-ईरान के बीच गहरा अविश्वास कूटनीति को नाज़ुक बनाए हुए है। भारत के लिए LPG की ऊंची कीमतें और ईंधन under-recoveries इस क्षेत्र में लंबे संघर्ष के प्रत्यक्ष घरेलू परिणाम हैं।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
['- ईरान ने 8 जून 2026 को उत्तरी इज़राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं; इज़राइल ने ईरान पर जवाबी हमला किया — 8 अप्रैल 2026 के युद्धविराम के बाद यह पहला सीधा सैन्य टकराव था।', '- 8 जून 2026 को Strait of Hormuz के ऊपर एक US Army Apache अटैक हेलीकॉप्टर मार गिराया गया; दोनों चालक दल के सदस्यों को ओमान के तट के पास US Navy के सतही ड्रोन ने सुरक्षित बचाया।', '- ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि Strait of Hormuz ईरान और ओमान के बीच साझा जलक्षेत्र है, न कि पूर्णतः अंतरराष्ट्रीय, और विदेशी बलों को वहां से हटने की चेतावनी दी।', '- 9 जून 2026 की सुबह Brent crude $94.00/barrel और WTI $91.01/barrel पर रहा — हमलों के दौरान 4% की उछाल के बाद नरमी आई।', '- भारत अपनी ~90% कच्चे तेल की जरूरत आयात से पूरी करता है; $1/बैरल की टिकाऊ वृद्धि से वार्षिक आयात बिल में ₹18,000 करोड़ की बढ़ोतरी होती है।', '- 9 जून 2026 तक सरकारी तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोल पर ₹6/लीटर और डीज़ल पर ₹30/लीटर की under-recovery थी, दैनिक संचयी नुकसान ₹600–700 करोड़।']
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC (अंतरराष्ट्रीय संबंध, भूगोल, अर्थव्यवस्था), SSC CGL (सामान्य जागरूकता) और Bank PO (समसामयिक मामले) परीक्षाओं के लिए प्रासंगिक।
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