झारखंड ने 2024-25 में प्राथमिक स्कूल ड्रॉपआउट दर शून्य दर्ज की
झारखंड ने 2024-25 में शून्य प्राथमिक स्कूल ड्रॉपआउट दर दर्ज की; ट्रांजिशन दर और लड़कियों का नामांकन बढ़ा।
झारखंड ने वर्ष 2024-25 के लिए प्राथमिक स्कूल स्तर पर शून्य प्रतिशत ड्रॉपआउट दर दर्ज की है, जो स्कूली शिक्षा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य ने उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर भी ड्रॉपआउट दर कम की है।
कम ड्रॉपआउट के साथ-साथ ट्रांजिशन दर में भी सुधार हुआ। उच्च माध्यमिक कक्षाओं में लड़कियों का नामांकन भी बढ़ा।
हालांकि, आंकड़ों ने एसे क्षेत्र भी दिखाए जिन पर ध्यान देने की जरूरत है। गणित और भाषा में अंक घट रहे हैं, छात्र-शिक्षक अनुपात अधिक है और हजारों शिक्षक पद खाली हैं।
परीक्षा की दृष्टि से मुख्य बात यह है कि 2024-25 में शून्य प्राथमिक ड्रॉपआउट की उपलब्धि झारखंड से जुड़ी है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- झारखंड ने 2024-25 में 0% प्राथमिक ड्रॉपआउट दर दर्ज की
- उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर भी ड्रॉपआउट घटा
- ट्रांजिशन दर में सुधार
- उच्च माध्यमिक में लड़कियों का नामांकन बढ़ा
- चिंताएँ: कमजोर गणित/भाषा अंक, शिक्षक रिक्तियाँ
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC (सामाजिक मुद्दे – शिक्षा), राज्य PCS (झारखंड GK) और SSC/शिक्षण परीक्षाओं के लिए प्रासंगिक।
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