कर्नाटक ने घटिया दवाओं और नशीली दवाओं की निगरानी के लिए भारत का पहला एकीकृत पोर्टल शुरू किया
कर्नाटक ने घटिया (NSQ) दवाओं पर नज़र रखने और नशीली दवाओं (NDPS) को नियंत्रित करने के लिए भारत का पहला एकीकृत डिजिटल पोर्टल शुरू किया है। राज्य औषधि प्रशासन द्वारा बनाया गया यह पोर्टल दोषपूर्ण दवा बैचों को तुरंत रोकने और पर्ची-आधारित निगरानी की सुविधा देता है।
15 मई 2026 को कर्नाटक ने घटिया गुणवत्ता वाली (Not of Standard Quality – NSQ) दवाओं पर नज़र रखने तथा नशीली दवाओं और मन:प्रभावी पदार्थों (NDPS) की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए भारत का पहला एकीकृत डिजिटल निगरानी पोर्टल शुरू किया। इसे राज्य के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विकसित किया है।
यह पोर्टल औषधि अधिकारियों को NSQ रिपोर्ट तुरंत ई-हस्ताक्षरित करने, दोषपूर्ण दवा बैचों की बिक्री को स्वतः रोकने और पर्ची सत्यापन के माध्यम से NDPS दवाओं की बिक्री पर निगरानी रखने की सुविधा देता है। इससे दवा निगरानी तेज़ और अधिक सख्त हो जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि यह प्रणाली नियंत्रित पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने और दवाओं के वितरण में सुरक्षा मानकों को बढ़ाने में मदद करेगी। इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रौद्योगिकी-आधारित शासन का उदाहरण माना जा रहा है।
परीक्षार्थियों के लिए: NSQ दवाएँ वे होती हैं जो प्रयोगशाला गुणवत्ता परीक्षण में विफल रहती हैं, जबकि नशीली एवं मन:प्रभावी पदार्थों की बिक्री NDPS अधिनियम, 1985 के तहत नियंत्रित होती है। कर्नाटक का दोनों जाँचों को एक ही डिजिटल मंच पर लाने वाला पहला राज्य बनना याद रखने योग्य मुख्य बिंदु है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- 15 मई 2026 को कर्नाटक द्वारा शुरू
- भारत का पहला एकीकृत NSQ + NDPS निगरानी पोर्टल
- कर्नाटक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा विकसित
- विशेषताएँ: NSQ रिपोर्ट का तुरंत ई-हस्ताक्षर, दोषपूर्ण बैचों की स्वतः रोक, NDPS दवाओं के लिए पर्ची सत्यापन
- NSQ = घटिया गुणवत्ता वाली दवाएँ; NDPS दवाएँ NDPS अधिनियम, 1985 के तहत नियंत्रित
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC प्रारंभिक (राजव्यवस्था एवं शासन, स्वास्थ्य), राज्य पीसीएस (कर्नाटक) और SSC (सामान्य जागरूकता) के लिए प्रासंगिक।
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